[ad_1]
कश्मीरी पंडितों पर 32 साल पहले हुए अत्याचारों की सच्ची घटनाओं को बड़े पर्दे पर दिखाने वाली फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को तो आपने जरूर देखा होगा…विवेक अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी यह फिल्म जिस दिन से सिनेमाघरों में रिलीज हुई, उस दिन से इसके खिलाफ विवाद शुरू हो गया। फिल्म को देखने वाला हर शख्स सिर्फ एक ही सवाल कर रहा था…आखिर इस नरसंहार का दोषी कौन है? अब लगता है कि इस सवाल का जवाब जल्द ही मिलने वाला है। जी हां, आज सुप्रीम कोर्ट कश्मीर में 1990 में कश्मीरी पंडितों की लक्षित हत्याओं की एसआईटी जांच की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने वाला है।
जब से याचिका पर सुनवाई की खबर आई है तब से हर कोई खुशी से झूम उठा है। कश्मीरी पंडितों के दर्द से 32 साल बाद वाकिफ होने वाले लोगों को यह महसूस होने लगा है कि अब आखिरकार कश्मीरी पंडितों को इंसाफ मिलेगा। उस दर्दनाक पीड़ा से गुजरे लोगों की आखों में खुशी के आंसू झलक ने लगे हैं। वहीं ‘द कश्मीर फाइल्स’ में एक कश्मीरी पंडित की भूमिका निभाने वाले अनुपम खेर ने भी यह खबर सुनने के बाद राहत की सांस ली है।
अभिनेता ने सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त करते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय! कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के 32 साल से अधिक समय के बाद आप भारत में सबसे शांतिपूर्ण समुदायों में से एक पर किए गए अत्याचारों की एसआईटी जांच के लिए एक याचिका पर सुनवाई करेंगे। आपका आज का निर्णय, न्याय के लिए आवश्यक उपचार प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
Hon. Supreme Court Of India! After more than 32 yrs of Genocide of #KashmiriHindus you’ll be hearing a plea for SIT probe towards atrocities done to one of the most peaceful communities in India. Your decision today may start the much required healing process for justice.🙏 ⚖️
— Anupam Kher (@AnupamPKher) September 2, 2022
बता दें कि गैर सरकारी सामाजिक संगठन वी द सिटीजन (We the Citizen) द्वारा दाखिल जनहित याचिका में 1990 से 2003 के बीच कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों और सिखों की हत्या और अत्याचार की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने की मांग की गई है। याचिका में हाल के महीनों में कश्मीर घाटी में मारे गए कश्मीरी पंडितों की हत्या की जांच करने की भी मांग की गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जस्टिस भूषण आर गवई और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ इस याचिका पर सुनवाई करने वाली है।
[ad_2]
Source link