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चीन ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग गत 2 वर्ष में पहली बार इस हफ्ते देश से बाहर कजाकिस्तान की यात्रा करेंगे और उज्बेकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। वे समरकंद में एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 22वीं बैठक में भाग लेंगे।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने बताया कि शी 14 से 16 सितंबर तक कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान की यात्रा करेंगे। शी ने आखिरी बार 17-18 जनवरी, 2020 को म्यांमार का दौरा किया था। इसके बाद चीन ने वुहान में कोरोना वायरस के बड़े पैमाने पर प्रकोप की घोषणा की। बाद में यह वैश्विक महामारी में बदल गया। तब से, शी (69) चीन से बाहर नहीं गए हैं और डिजिटल तरीके से वैश्विक कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं। कजाकिस्तान के बाद शी पड़ोसी उज्बेकिस्तान की यात्रा करेंगे, जहां एससीओ शिखर सम्मेलन 15-16 सितंबर को होने वाला है।
ईरान के शामिल होने की संभावना
बीजिंग मुख्यालय वाला एससीओ आठ सदस्यीय आर्थिक और सुरक्षा संगठन है जिसमें भारत समेत चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पाकिस्तान शामिल हैं। समरकंद में शिखर सम्मेलन के बाद भारत मध्य एशियाई गणराज्यों के इस प्रभावशाली समूह की अध्यक्षता संभालेगा। सम्मेलन में ईरान को औपचारिक रूप से एससीओ में शामिल किए जाने की संभावना है।
मोदी व पुतिन भी शामिल होंगे
एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की उम्मीद है। रूसी अधिकारियों ने घोषणा की है कि पुतिन और शी समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी भी एससीओ में शिखर सम्मेलन से इतर कुछ द्विपक्षीय बैठकें कर सकते हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मोदी की मुलाकात शी जिनपिंग या शरीफ से होगी अथवा नहीं, लेकिन इस पर सभी की करीबी नजर रहेगी।
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