Home Breaking News बेजुबानों पर न करें जुल्म: कुत्तों को भी दिया जा रहा स्ट्रेरॉयड-अफीम, छोटे घर भी हैं इनके आक्रमक होने की वजह

बेजुबानों पर न करें जुल्म: कुत्तों को भी दिया जा रहा स्ट्रेरॉयड-अफीम, छोटे घर भी हैं इनके आक्रमक होने की वजह

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बेजुबानों पर न करें जुल्म: कुत्तों को भी दिया जा रहा स्ट्रेरॉयड-अफीम, छोटे घर भी हैं इनके आक्रमक होने की वजह

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दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों पालतू कुत्तों द्वारा लोगों को काट लेने, हमला करने और जान ले लेने जैसे कई मामले सामने आए हैं। लगातार घरेलू वातावरण में रहने के बावजूद ये जानवर आक्रामक हो रहे हैं। पशु डॉक्टरों के अनुसार इसके कई कारण हैं, जिसमें सबसे बड़ा कारण इनकी तंदुरुस्ती के चक्कर में बिना जानकारी के दी जा रही डाइट है। लोग इन्हें मजबूत और मसल वाला बनाने के लिए स्ट्रेरॉयड तक देने में पीछे नहीं हटते हैं। इसका सीधा असर इनके व्यवहार पर पड़ता है। इसके साथ ही बदलती जीवन शैली का एकाकीपन भी आक्रामक होने का एक कारण है। लोग शौक के लिए घर में कुत्तों को ले आते हैं। उन्हें समय नहीं दे पाते, इसके कारण चिड़चिड़ा हो जाते हैं। 

 

पशुपालन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विकास मलिक ने बताया लोगों की बदलती जीवन शैली का असर उनके पालतू जानवरों पर भी पड़ रहा है। जिस तरह से युवा जल्दी बॉडी बनाने के चक्कर में दवाइयों और इन्जेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। उसी तरह अब अपने पालतू जानवरों पर भी इसका प्रयोग करने लगे हैं। लोग कुत्तों को मोटा तगड़ा और मसल वाला बनाने के लिए खतरनाक ड्रग का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे कुत्ते के स्वभाव पर असर पड़ता है और वह आक्रामक हो जाता है। लोग छोटे फ्लैट में बड़े आकार के कुत्तों को ले आते हैं। ये काफी उर्जावान होते हैं। इन्हे रोजाना कसरत कराना, घुमाने ले जाना उनके साथ खेलना आदि करना जरूरी होता है ताकि उसकी उर्जा का इस्तेमाल हो सके। छोटा घर होने के कारण कुत्तों को हमेशा बांध कर रखा जाता है जो काफी गलत है। 

अफीम और दर्द निवारक इंजेक्शन देकर कराते हैं फाइट

डॉ. विकास मलिक ने बताया इन दिनों कुत्तों का फाइट कराने का चलन दिल्ली एनसीआर में भी आ गया है। पहले ये केवल पंजाब तक ही सीमित था। लोग चोरी छिपे कुत्तों की फाइट करा रहे हैं। जान बूझकर कुत्तों को आक्रामक बनाया जाता है। लोग लड़ाई कराने से पहले कुत्तों को दर्द निवारक इंजेक्शन लगा देते हैं ताकि घायल होने पर भी वह लड़ता रहे। थकने के बावजूद भी वह लड़ाई छोड़कर ना जाए, इसके लिए लोग कुत्तों को अफीम तक खिला रहे हैं। उनके पास कई ऐसे कुत्ते गंभीर रूप से घायल होकर आते हैं जो फाइट के कारण घायल हुए हैं। लोग सच ना बताकर ये कहते हैं कि गली में किसी आवारा कुत्ते से लड़ गया था। 

सही ट्रेनिंग और प्यार मिले तो शेर पालना भी आसान

पशु चिकित्सक राजबेल देशवाल ने बताया जानवर को सही देखभाल व खुला वातावरण मिले तो वे कभी आक्रामक नहीं होते। कुत्तों से ज्यादा वफादार कोई जानवर नहीं होता। उन्हें सही से प्यार नहीं मिल पाने और जीवन शैली में एकाकीपन के कारण वे आक्रामक हो जाते हैं। 

आक्रामक कुत्ते को बाहर घुमाने ले जाते समय उसके मुंह पर माउथ हार्नेस जरूर बांधें, बाहर ले जाते समय उसके गले में मजबूत पट्टा और चेन बांध कर रखनी चाहिए, कुत्तों को कच्चा मांस और अंडा कभी नहीं देना चाहिए। घर में बांधकर नहीं रखना चाहिए, समय पर टीकाकरण कराते रहना चाहिए।

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