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Panipat: आसाराम केस के मुख्य गवाह की सुरक्षा में झोल, कागजों में पांच सुरक्षाकर्मी, हकीकत में साथ रहते हैं दो

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Panipat: आसाराम केस के मुख्य गवाह की सुरक्षा में झोल, कागजों में पांच सुरक्षाकर्मी, हकीकत में साथ रहते हैं दो

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आसाराम बापू और उसके बेटे नारायण साईं मामले के मुख्य गवाह महेंद्र चावला की सुरक्षा में लापरवाही का मामला सामने आया है। इस संबंध में महेंद्र चावला की ओर से उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा गया है। साथ ही खुद की जान को खतरा बताया है। शिकायती पत्र में बताया गया है कि उनकी सुरक्षा के लिए कागजों में पांच सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जबकि हकीकत में दो या तीन ही सुरक्षाकर्मी रहते हैं। 

सनौली खुर्द निवासी महेंद्र चावला ने बताया कि वह आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं के खिलाफ सरकारी गवाह हैं। इस कारण उन पर पहले भी जानलेवा हमला हो चुका है। इसी मामले में 16 सितंबर 2022 को पानीपत एडीजे निशांत शर्मा की कोर्ट ने आरोपियों पर चार्ज फ्रेम किया है। मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। अब आगे गवाही शुरू होनी है, जिसकी अगली तारीख 20 सितंबर है, जिसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी होनी है।
 
उन्होंने बताया कि पुलिस के कथित रिकॉर्ड में उनकी सुरक्षा में पांच जवान तैनात हैं, लेकिन मौके पर अक्सर दो ही जवान साथ रहते हैं। बाकी तीन आराम पर होते हैं। कभी-कभी सुरक्षा में तीन जवान भी होते हैं, मगर आज तक तीन से ज्यादा जवान कभी भी सुरक्षा में नहीं रहे, जबकि एसपी पानीपत के आदेश हैं कि सभी जवान सुरक्षा में तैनात रहेंगे व एक जवान को साप्ताहिक आराम मिलेगा। उन्होंने कहा कि वो सुरक्षा कर्मियों को अपने खर्च पर रख रहे हैं। उनको पूरी सुविधा भी दे रहे हैं। उन्होंने मांग उठाई कि उनकी सुरक्षा को पुख्ता किया जाए। 

महेंद्र चावला की मांग

  •  मात्र 15 दिन ही ड्यूटी करके तंग होने वाले पुलिस कर्मियों को तुरंत प्रभाव से बदला जाए।  
  •  जो पुलिसकर्मी आदेश का पालन करने वाले हों और अपनी ड्यूटी के प्रति निष्ठावान हों, उनको ही सुरक्षा में लगाया जाए। 
  •  पुलिस विभाग ही सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों के रहने के लिए कमरा बिजली पानी आने-जाने और खाने का खर्च आदि की व्यवस्था करे। 

 
पुलिस कर्मी सुरक्षा में तंग
चावला के अनुसार गार्द इंचार्ज अंग्रेज ने कहा कि पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा में तंग हैं, इसलिए वे नहीं आते हैं। इस बारे में चावला ने जिला सेशन कोर्ट जज, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग दिल्ली, करनाल आईजी, राज्य गृह सचिव, राज्य मुख्य सचिव, रजिस्ट्रार हाईकोर्ट चंडीगढ़ और डीजीपी को शिकायत स्वरूप चिट्ठी लिखी है।

विस्तार

आसाराम बापू और उसके बेटे नारायण साईं मामले के मुख्य गवाह महेंद्र चावला की सुरक्षा में लापरवाही का मामला सामने आया है। इस संबंध में महेंद्र चावला की ओर से उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा गया है। साथ ही खुद की जान को खतरा बताया है। शिकायती पत्र में बताया गया है कि उनकी सुरक्षा के लिए कागजों में पांच सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जबकि हकीकत में दो या तीन ही सुरक्षाकर्मी रहते हैं। 

सनौली खुर्द निवासी महेंद्र चावला ने बताया कि वह आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं के खिलाफ सरकारी गवाह हैं। इस कारण उन पर पहले भी जानलेवा हमला हो चुका है। इसी मामले में 16 सितंबर 2022 को पानीपत एडीजे निशांत शर्मा की कोर्ट ने आरोपियों पर चार्ज फ्रेम किया है। मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। अब आगे गवाही शुरू होनी है, जिसकी अगली तारीख 20 सितंबर है, जिसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी होनी है।

 

उन्होंने बताया कि पुलिस के कथित रिकॉर्ड में उनकी सुरक्षा में पांच जवान तैनात हैं, लेकिन मौके पर अक्सर दो ही जवान साथ रहते हैं। बाकी तीन आराम पर होते हैं। कभी-कभी सुरक्षा में तीन जवान भी होते हैं, मगर आज तक तीन से ज्यादा जवान कभी भी सुरक्षा में नहीं रहे, जबकि एसपी पानीपत के आदेश हैं कि सभी जवान सुरक्षा में तैनात रहेंगे व एक जवान को साप्ताहिक आराम मिलेगा। उन्होंने कहा कि वो सुरक्षा कर्मियों को अपने खर्च पर रख रहे हैं। उनको पूरी सुविधा भी दे रहे हैं। उन्होंने मांग उठाई कि उनकी सुरक्षा को पुख्ता किया जाए। 

महेंद्र चावला की मांग

  •  मात्र 15 दिन ही ड्यूटी करके तंग होने वाले पुलिस कर्मियों को तुरंत प्रभाव से बदला जाए।  
  •  जो पुलिसकर्मी आदेश का पालन करने वाले हों और अपनी ड्यूटी के प्रति निष्ठावान हों, उनको ही सुरक्षा में लगाया जाए। 
  •  पुलिस विभाग ही सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों के रहने के लिए कमरा बिजली पानी आने-जाने और खाने का खर्च आदि की व्यवस्था करे। 

 

पुलिस कर्मी सुरक्षा में तंग

चावला के अनुसार गार्द इंचार्ज अंग्रेज ने कहा कि पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा में तंग हैं, इसलिए वे नहीं आते हैं। इस बारे में चावला ने जिला सेशन कोर्ट जज, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग दिल्ली, करनाल आईजी, राज्य गृह सचिव, राज्य मुख्य सचिव, रजिस्ट्रार हाईकोर्ट चंडीगढ़ और डीजीपी को शिकायत स्वरूप चिट्ठी लिखी है।

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