Home Breaking News दागी कांग्रेसियों की BJP में नो एंट्री: कैप्टन के करीबियों को भी नहीं किया शामिल, पार्टी ने बदली अपनी रणनीति

दागी कांग्रेसियों की BJP में नो एंट्री: कैप्टन के करीबियों को भी नहीं किया शामिल, पार्टी ने बदली अपनी रणनीति

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दागी कांग्रेसियों की BJP में नो एंट्री: कैप्टन के करीबियों को भी नहीं किया शामिल, पार्टी ने बदली अपनी रणनीति

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भाजपा ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। भाजपा अब दागी और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे कांग्रेस नेताओं को पार्टी में शामिल नहीं करेगी। यही वजह है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तो भाजपा में शामिल हो गए लेकिन उनके कुछ खासमखास पूर्व मंत्री भाजपा में एंट्री नहीं पा सके।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को भाजपा में शामिल होकर अपनी पार्टी पीएलसी का विलय करके पंजाब के मंत्रियों की सूची भाजपा हाईकमान को सौंपी थी लेकिन भाजपा ने इनमें से कुछ नाम काट दिए। इस फेहरिस्त में पंजाब विधानसभा के पूर्व स्पीकर राणा केपी सिंह समेत पूर्व उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी और कैप्टन के खास एवं उनके मंत्रिमंडल में सहयोगी साधू सिंह धर्मसोत का नाम शामिल है।

पूर्व मंत्री धर्मसोत का नाम पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले से जुड़ा है तो वहीं वन मंत्री रहते हुए उन पर पेड़ों की कटाई से लेकर ट्री गार्ड की खरीद में कमीशन लेने के आरोप रहे। उस समय विजिलेंस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और इस मामले में उन्हें जेल भेजा गया था। उन्हें बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इसके अलावा पूर्व उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी का नाम कोरोना काल में सैनिटाइजर में हुई गड़बड़ी, बिना मंजूरी वेलनेस सेंटर का सामान खरीदने के मामले से जुड़ा। हालांकि सरकार ने अभी तक सोनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

दूसरी ओर नंगल से संबंध रखने वाले विधानसभा के पूर्व स्पीकर राणा केपी सिंह का नाम हालांकि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के मामले में सामने नहीं आया, लेकिन भाजपा ने उनका नाम भी लिस्ट से हटा दिया है। सूत्र बताते हैं कि केपी भाजपा में शामिल होने के लिए कैप्टन के साथ दिल्ली भी गए थे लेकिन कैप्टन की गृह मंत्री अमित शाह से बैठक के बाद सोनी और धर्मसोत के साथ राणा केपी का नाम लिस्ट से हटा दिया गया। 

बताया जा रहा है कि भाजपा ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है और। भ्रष्टाचार और गंभीर आरोपों से घिरे नेताओं को पार्टी में शामिल नहीं करने की बात कही। पंजाब के दो बार के मुख्यमंत्री और तीन बार पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह के भाजपा में शमिल होने की तैयारियों के दौरान लंबे समय से चर्चा रही कि कांग्रेस के कई पूर्व नेता भी भाजपा में जा सकते हैं लेकिन कैप्टन को फिलहाल अपने सिपहसालारों के बगैर ही जंग लड़नी होगी। 

विस्तार

भाजपा ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। भाजपा अब दागी और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे कांग्रेस नेताओं को पार्टी में शामिल नहीं करेगी। यही वजह है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तो भाजपा में शामिल हो गए लेकिन उनके कुछ खासमखास पूर्व मंत्री भाजपा में एंट्री नहीं पा सके।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को भाजपा में शामिल होकर अपनी पार्टी पीएलसी का विलय करके पंजाब के मंत्रियों की सूची भाजपा हाईकमान को सौंपी थी लेकिन भाजपा ने इनमें से कुछ नाम काट दिए। इस फेहरिस्त में पंजाब विधानसभा के पूर्व स्पीकर राणा केपी सिंह समेत पूर्व उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी और कैप्टन के खास एवं उनके मंत्रिमंडल में सहयोगी साधू सिंह धर्मसोत का नाम शामिल है।

पूर्व मंत्री धर्मसोत का नाम पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले से जुड़ा है तो वहीं वन मंत्री रहते हुए उन पर पेड़ों की कटाई से लेकर ट्री गार्ड की खरीद में कमीशन लेने के आरोप रहे। उस समय विजिलेंस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और इस मामले में उन्हें जेल भेजा गया था। उन्हें बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इसके अलावा पूर्व उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी का नाम कोरोना काल में सैनिटाइजर में हुई गड़बड़ी, बिना मंजूरी वेलनेस सेंटर का सामान खरीदने के मामले से जुड़ा। हालांकि सरकार ने अभी तक सोनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

दूसरी ओर नंगल से संबंध रखने वाले विधानसभा के पूर्व स्पीकर राणा केपी सिंह का नाम हालांकि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के मामले में सामने नहीं आया, लेकिन भाजपा ने उनका नाम भी लिस्ट से हटा दिया है। सूत्र बताते हैं कि केपी भाजपा में शामिल होने के लिए कैप्टन के साथ दिल्ली भी गए थे लेकिन कैप्टन की गृह मंत्री अमित शाह से बैठक के बाद सोनी और धर्मसोत के साथ राणा केपी का नाम लिस्ट से हटा दिया गया। 

बताया जा रहा है कि भाजपा ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है और। भ्रष्टाचार और गंभीर आरोपों से घिरे नेताओं को पार्टी में शामिल नहीं करने की बात कही। पंजाब के दो बार के मुख्यमंत्री और तीन बार पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह के भाजपा में शमिल होने की तैयारियों के दौरान लंबे समय से चर्चा रही कि कांग्रेस के कई पूर्व नेता भी भाजपा में जा सकते हैं लेकिन कैप्टन को फिलहाल अपने सिपहसालारों के बगैर ही जंग लड़नी होगी। 

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