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लक्ष्मणझूला थाने से पुलिस टीम आरोपियों कोटद्वार न्यायालय में पेश करने के लिए जा रही थी। इस दौरान किसी व्यक्ति ने गंगा भोगपुर में लोगों को यह सूचना दी के आरोपियों को नहर किनारे से ले जाया जा रहा है। यहां स्थानीय लोगों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता पहले से घटना को लेकर आक्रोशित थे।
जैसे उनको यह सूचना मिली कि करीब 300 लोग जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे सीधा वनंत्रा रिजार्ट से नहर की सड़क की ओर चल पड़े। लोगों ने सामने से आ रही पुलिस जीप को रोक दिया। महिलाओं और बच्चों ने जीप पर पथराव शुरू किया। इस बीच लोगों ने पत्थरों से पुलिस जीप के शीशे तोड़ दिए। लोगों जीप को पलटकर नहर में गिराने की कोशिश भी की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाए।
इस बीच लोगों ने जीप की खिड़की से आरोपियों के कपड़े फाड़ दिए और फिर उन पर लात, घूंसे, चप्पल और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पुलिस की सूचना पर करीब 45 मिनट बाद एएसपी शेखर सुयाल मौके पर पहुंचे। उनके साथ देवप्रयाग थाना पुलिस की फोर्स भी थी। शेखर सुयाल ने लोगों ने समझाया, जब वह नहीं माने तो उन्होंने लोगों पर लाठी चार्ज कर दिया। लोगों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। लेकिन आखिरकार पुलिस लोगों को मौके से खदेड़ दिया। इसके बाद जीप को कोटद्वार की ओर रवाना किया गया।
बता दें कि लापता युवती अंकिता भंडारी की हत्या के आरोप में पुलिस ने पूर्व राज्यमंत्री के बेटे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में तीनों आरोपियों ने विवाद के बाद अंकिता को चीला शक्ति नहर में धक्का देने की बात कबूली है। वहीं नहर में पानी बढ़ने के चलते एसडीआरएफ को युवती का कुछ पता नहीं चल पाया। इससे पहले आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए युवती के रिजॉर्ट से लापता होने की बात कहते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शुक्रवार को एएसपी कोटद्वार शेखर सुयाल ने अंकिता हत्याकांड का खुलासा किया। एएसपी ने बताया कि 18 सिंतबर को वनंत्रा रिजार्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करने वाली पौड़ी गढ़वाल के नांदलस्यूं पट्टी के श्रीकोट गांव निवासी अंकिता भंडारी (19) संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी। रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने युवती के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बताया कि 22 सिंतबर को मामला राजस्व पुलिस से लक्ष्मणझूला थाना पुलिस को हस्तांतरित हुआ। वनंत्रा रिजार्ट के संचालक और दोनों मैनेजरों का कहना था कि अंकिता अपने कमरे से गायब हुई। जबकि कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि गायब होने की रात अंकिता संचालक और मैनेजरों के साथ बाहर गई थी पर वापस नहीं लौटी।
एएसपी ने बताया कि पुलिस ने हरिद्वार के आर्यनगर के स्वदेशी फार्मेसी निवासी रिजार्ट संचालक पुलकित आर्य, ज्वालापुर के दयानंद नगरी निवासी मैनेजर अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता और ज्वालापुर के ही सूरजनगर निवासी मैनेजर सौरभ भाष्कर को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि वह तीनों अंकिता को लेकर बैराज तक आए थे।
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