Home Breaking News Russia Ukraine: यूक्रेन के माइकोलीव पर बरसीं रूस की मिसाइलें, ईरानी ड्रोन से कीव पर हमले, बड़ी इमारतें ध्वस्त

Russia Ukraine: यूक्रेन के माइकोलीव पर बरसीं रूस की मिसाइलें, ईरानी ड्रोन से कीव पर हमले, बड़ी इमारतें ध्वस्त

0
Russia Ukraine: यूक्रेन के माइकोलीव पर बरसीं रूस की मिसाइलें, ईरानी ड्रोन से कीव पर हमले, बड़ी इमारतें ध्वस्त

[ad_1]

रूसी मिसाइलों ने माइकोलीव शहर को तबाह कर दिया।

रूसी मिसाइलों ने माइकोलीव शहर को तबाह कर दिया।
– फोटो : Twitter

ख़बर सुनें

गुरुवार को जहां संयुक्त राष्ट्र महासभा रूस द्वारा यूक्रेन के चार क्षेत्रों के विलय पर निंदा कर रही थी, वहीं रूसी सेना यूक्रेनी माइकोलीव शहर पर मिसाइलों की बौछार कर रही थी। उसने यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास के क्षेत्रों पर गुरुवार तड़के ईरान निर्मित कामिकेज ड्रोन से भी हमले किए। कीव के क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सी कुलेबा ने कहा, हमला कीव के नजदीकी क्षेत्रों में हुआ, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोई हताहत हुआ या नहीं।

सोमवार को पूरे देश में बड़े पैमाने पर हुए रूस के घातक हमलों के बाद गुरुवार को लगातार चौथी सुबह हवाई हमले का संकेत देने वाले सायरन की आवाज सुनाई दी। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के उप प्रमुख किरिलो तिमोशेंको ने ‘टेलीग्राम’ पर कहा कि क्षेत्र में अहम बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया है। उधर, यूक्रेन के दक्षिणी मोर्चे पर जारी लड़ाई के बीच माइकोलीव शहर में रातभर हुई गोलाबारी के चलते पांच मंजिला इमारत नष्ट हो गई। क्षेत्रीय मेयर ऑलेक्जेंडर सिएनकोविच ने कहा कि इमारत की ऊपरी दो मंजिलें एक ही हमले में पूरी तरह से नष्ट हो गईं। इसके बाद शेष इमारत मलबे में तब्दील हो गई। इस बीच, यूक्रेन ने भी रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों को दोबारा अपने अधिकार में लेने के लिए जवाबी कार्रवाई की।

यूएन ने कहा- यूक्रेन में ‘अवैध कब्जे’ के लिए उठाए कदम वापस ले रूस
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों में रूस के ‘अवैध कब्जे के प्रयास’ की निंदा करने और इन कदमों को तत्काल वापस लेने की मांग के पक्ष में अभूतपूर्व मतदान किया। मतदान के जरिये दुनियाभर के देशों ने सात माह से जारी युद्ध और रूस की पड़ोसी देश के क्षेत्रों पर कब्जे की कोशिश पर कड़ा विरोध जताया है। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्यों में से 143 ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। पांच देशों ने विरोध में मत दिया। भारत समेत 35 देश मतदान में अनुपस्थित रहे। यूएन में यूक्रेनी राजदूत सर्गीय किस्लित्स्या ने मतदान को ‘अद्भुत’ व ‘ऐतिहासिक क्षण’ बताया। अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने इसे ‘एक यादगार दिन’ करार दिया। ईयू के राजदूत ओलाफ स्कूग ने प्रस्ताव को बड़ी सफलता बताया। 

भारत ने मतदान से बनाई दूरी
भारत ने यूएनजीए में उस मसौदा प्रस्ताव पर मतदान में भाग नहीं लिया, जिसमें यूक्रेन के दोनेस्क, खेरसॉन, लुहांस्क व जपोरिझिया क्षेत्रों पर रूसी कब्जे व उसके ‘अवैध तथाकथित जनमत संग्रह’ की निंदा की गई। कुल 143 देशों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि रूस, बेलारूस, उत्तर कोरिया, सीरिया और निकारागुआ ने इसके खिलाफ मतदान किया।

एक संप्रभु देश को मानचित्र से नहीं मिटा सकता रूस : बाइडन
राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूएनजीए में रूस के खिलाफ हुए मतदान और पारित हुए निंदा प्रस्ताव की सराहना की। व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान में बाइडन ने कहा, आज दुनिया के ज्यादातर देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर का बचाव करते हुए यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्जे के रूसी अवैध प्रयासों की निंदा की है। उन्होंने कहा, रूस वैश्विक शांति व सुरक्षा की नींव तोड़ रहा है। जबकि वह एक संप्रभु देश को दुनिया के मानचित्र से मिटा नहीं सकता है। वह सीमाओं को बदल नहीं सकता। बाइडन ने कहा, हम सब रूस को यूएन चार्टर का उल्लंघन करने के लिए दृढ़ और एकजुट हैं।

विस्तार

गुरुवार को जहां संयुक्त राष्ट्र महासभा रूस द्वारा यूक्रेन के चार क्षेत्रों के विलय पर निंदा कर रही थी, वहीं रूसी सेना यूक्रेनी माइकोलीव शहर पर मिसाइलों की बौछार कर रही थी। उसने यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास के क्षेत्रों पर गुरुवार तड़के ईरान निर्मित कामिकेज ड्रोन से भी हमले किए। कीव के क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सी कुलेबा ने कहा, हमला कीव के नजदीकी क्षेत्रों में हुआ, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोई हताहत हुआ या नहीं।

सोमवार को पूरे देश में बड़े पैमाने पर हुए रूस के घातक हमलों के बाद गुरुवार को लगातार चौथी सुबह हवाई हमले का संकेत देने वाले सायरन की आवाज सुनाई दी। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के उप प्रमुख किरिलो तिमोशेंको ने ‘टेलीग्राम’ पर कहा कि क्षेत्र में अहम बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया है। उधर, यूक्रेन के दक्षिणी मोर्चे पर जारी लड़ाई के बीच माइकोलीव शहर में रातभर हुई गोलाबारी के चलते पांच मंजिला इमारत नष्ट हो गई। क्षेत्रीय मेयर ऑलेक्जेंडर सिएनकोविच ने कहा कि इमारत की ऊपरी दो मंजिलें एक ही हमले में पूरी तरह से नष्ट हो गईं। इसके बाद शेष इमारत मलबे में तब्दील हो गई। इस बीच, यूक्रेन ने भी रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों को दोबारा अपने अधिकार में लेने के लिए जवाबी कार्रवाई की।

यूएन ने कहा- यूक्रेन में ‘अवैध कब्जे’ के लिए उठाए कदम वापस ले रूस

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों में रूस के ‘अवैध कब्जे के प्रयास’ की निंदा करने और इन कदमों को तत्काल वापस लेने की मांग के पक्ष में अभूतपूर्व मतदान किया। मतदान के जरिये दुनियाभर के देशों ने सात माह से जारी युद्ध और रूस की पड़ोसी देश के क्षेत्रों पर कब्जे की कोशिश पर कड़ा विरोध जताया है। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्यों में से 143 ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। पांच देशों ने विरोध में मत दिया। भारत समेत 35 देश मतदान में अनुपस्थित रहे। यूएन में यूक्रेनी राजदूत सर्गीय किस्लित्स्या ने मतदान को ‘अद्भुत’ व ‘ऐतिहासिक क्षण’ बताया। अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने इसे ‘एक यादगार दिन’ करार दिया। ईयू के राजदूत ओलाफ स्कूग ने प्रस्ताव को बड़ी सफलता बताया। 

भारत ने मतदान से बनाई दूरी

भारत ने यूएनजीए में उस मसौदा प्रस्ताव पर मतदान में भाग नहीं लिया, जिसमें यूक्रेन के दोनेस्क, खेरसॉन, लुहांस्क व जपोरिझिया क्षेत्रों पर रूसी कब्जे व उसके ‘अवैध तथाकथित जनमत संग्रह’ की निंदा की गई। कुल 143 देशों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि रूस, बेलारूस, उत्तर कोरिया, सीरिया और निकारागुआ ने इसके खिलाफ मतदान किया।

एक संप्रभु देश को मानचित्र से नहीं मिटा सकता रूस : बाइडन

राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूएनजीए में रूस के खिलाफ हुए मतदान और पारित हुए निंदा प्रस्ताव की सराहना की। व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान में बाइडन ने कहा, आज दुनिया के ज्यादातर देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर का बचाव करते हुए यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्जे के रूसी अवैध प्रयासों की निंदा की है। उन्होंने कहा, रूस वैश्विक शांति व सुरक्षा की नींव तोड़ रहा है। जबकि वह एक संप्रभु देश को दुनिया के मानचित्र से मिटा नहीं सकता है। वह सीमाओं को बदल नहीं सकता। बाइडन ने कहा, हम सब रूस को यूएन चार्टर का उल्लंघन करने के लिए दृढ़ और एकजुट हैं।



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here