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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन
– फोटो : पीटीआई
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सऊदी अरब के नेतृत्व वाले ओपेक + देशों द्वारा तेल उत्पादन में कटौती की घोषणा के बाद अमेरिका बुरी तरह से भड़क गया है और इसे बहुत बड़ी गलती बताया है। अमेरिका ने कहा है कि इन सभी देशों का फैसला एक तरह से रूस का समर्थन है जिससे भविष्य में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि ओपेक प्लस देशों ने हाल में कहा कि वह तेल उत्पादन में प्रति दिन 20 लाख बैरल की कमी करेगा, जो कि कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ी कटौती है।
तेल कटौती का फैसला अमेरिकी लोगों और दुनिया भर के परिवारों के हितों के खिलाफ: अमेरिका
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने मंगलवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ओपेक + ने पिछले सप्ताह जो निर्णय लिए, वे रूसियों के पक्ष में थे और अमेरिकी लोगों और दुनिया भर के परिवारों के हितों के खिलाफ थे। हमारा मानना है कि यह निर्णय निम्न-आय वाली अर्थव्यवस्थाओं को चोट पहुंचाने और नुकसान पहुंचाने वाला है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह गुमराह करने वाला था और यह एक गलती और एक अदूरदर्शी निर्णय था।
सऊदी के साथ संबंधों का पुनर्मूल्यांकन करेगा अमेरिका
तेल उत्पादन को लेकर अमेरिका और सऊदी अरब के संबंधों में दरार आने लगी है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि तेल उत्पादक देशों के सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने उत्पादन को कम करने के लिए रूस का पक्ष लिया है। राष्ट्रपति जो बाइडन रियाद के साथ अमेरिकी संबंधों का पुनर्मूल्यांकन करेंगे। 13 राष्ट्र वाले ओपेक संगठन और मॉस्को के नेतृत्व वाले उसके 10 सहयोगियों ने नवंबर से प्रतिदिन दो मिलियन बैरल उत्पादन कम करने के अपने फैसले से व्हाइट हाउस को नाराज कर दिया है। आशंका है कि इस फैसले से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
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