Home Breaking News Cyclone Sitrang: बस 12 घंटे और… फिर तबाही मचाएगा चक्रवाती तूफान, यहां बन रहा सिस्टम, चेतावनी जारी

Cyclone Sitrang: बस 12 घंटे और… फिर तबाही मचाएगा चक्रवाती तूफान, यहां बन रहा सिस्टम, चेतावनी जारी

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Cyclone Sitrang: बस 12 घंटे और… फिर तबाही मचाएगा चक्रवाती तूफान, यहां बन रहा सिस्टम,  चेतावनी जारी

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सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : social media

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उत्तरी अंडमान सागर पर बने कम दबाव के क्षेत्र के शनिवार को और गहरा होने के बाद रविवार देर रात यानी 12 घंटे बाद से ‘सितरंग’ चक्रवात का रूप लेने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र रविवार सुबह लगभग 11 बजे से पोर्ट ब्लेयर के पास गंभीर रूप लेने लगा है। मौसम विभाग ने कहा है  कि बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है जो कि एक डीप डिप्रेशन में बदल गया। अब यह पोर्ट ब्लेयर से लगभग 580 किमी उत्तर-पश्चिम में, सागर द्वीप से 700 किमी दक्षिण में और बारिसल (बांग्लादेश) से 830 किमी दक्षिण में केंद्रित हो गया है।

24 अक्तूबर को चक्रवात फिर 25 अक्तूबर को गहरे चक्रवात में बदलने के आसार
मौसम विभाग ने कहा है कि प्रबल होता हुआ डीप डिप्रेशन 24 अक्टूबर को चक्रवात और 25 अक्टूबर को गहरे चक्रवात में बदल जाने की संभावना है। इसका ट्रैक पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बॉर्डर के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है।

वर्ष 2018 के बाद यह पहला चक्रवात है, जो अक्तूबर के महीने में बनेगा
बता दें कि वर्ष 2018 के बाद यह पहला चक्रवात है, जो अक्तूबर के महीने में बनेगा। यह नीचे से उत्तरी बंगाल की खाड़ी की तरफ जाएगा। इस चक्रवात का नाम ‘शीतरंग’रखा गया है। यह नाम थाईलैंड का दिया हुआ है।

ओडिशा के आठ जिलों  के लिए अलर्ट जारी
भुवनेश्वर स्थित मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र ने पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालेश्वर, मयूरभंज, जाजपुर, क्योंझर, कटक और खुर्दा जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने कहा, हमने आठ जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। राज्य इस चुनौती से निपटने को तैयार है।

मछुआरों के लिए चेतावनी
इस बीच, ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में भारी वर्षा के पूर्वानुमान के बाद राज्य सरकार उससे निपटने की तैयारियों में जुट गई है। मौसम विभाग ने मछुआरों को शनिवार को मध्य बंगाल की खाड़ी और गहरे समुद्र क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। साथ ही 23 से 26 अक्तूबर के बीच उन्हें ओडिशा तट और पश्चिम-मध्य व उत्तरी बंगाल की खाड़ी में जाने से मना किया है।  इधर, संभावित खतरे के मद्देनजर ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने तटीय इलाकों को खाली करा लिया है और आपदा प्रबंधन यूनिट को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। 

विस्तार

उत्तरी अंडमान सागर पर बने कम दबाव के क्षेत्र के शनिवार को और गहरा होने के बाद रविवार देर रात यानी 12 घंटे बाद से ‘सितरंग’ चक्रवात का रूप लेने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र रविवार सुबह लगभग 11 बजे से पोर्ट ब्लेयर के पास गंभीर रूप लेने लगा है। मौसम विभाग ने कहा है  कि बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है जो कि एक डीप डिप्रेशन में बदल गया। अब यह पोर्ट ब्लेयर से लगभग 580 किमी उत्तर-पश्चिम में, सागर द्वीप से 700 किमी दक्षिण में और बारिसल (बांग्लादेश) से 830 किमी दक्षिण में केंद्रित हो गया है।

24 अक्तूबर को चक्रवात फिर 25 अक्तूबर को गहरे चक्रवात में बदलने के आसार

मौसम विभाग ने कहा है कि प्रबल होता हुआ डीप डिप्रेशन 24 अक्टूबर को चक्रवात और 25 अक्टूबर को गहरे चक्रवात में बदल जाने की संभावना है। इसका ट्रैक पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बॉर्डर के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है।

वर्ष 2018 के बाद यह पहला चक्रवात है, जो अक्तूबर के महीने में बनेगा

बता दें कि वर्ष 2018 के बाद यह पहला चक्रवात है, जो अक्तूबर के महीने में बनेगा। यह नीचे से उत्तरी बंगाल की खाड़ी की तरफ जाएगा। इस चक्रवात का नाम ‘शीतरंग’रखा गया है। यह नाम थाईलैंड का दिया हुआ है।

ओडिशा के आठ जिलों  के लिए अलर्ट जारी

भुवनेश्वर स्थित मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र ने पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालेश्वर, मयूरभंज, जाजपुर, क्योंझर, कटक और खुर्दा जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने कहा, हमने आठ जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। राज्य इस चुनौती से निपटने को तैयार है।

मछुआरों के लिए चेतावनी

इस बीच, ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में भारी वर्षा के पूर्वानुमान के बाद राज्य सरकार उससे निपटने की तैयारियों में जुट गई है। मौसम विभाग ने मछुआरों को शनिवार को मध्य बंगाल की खाड़ी और गहरे समुद्र क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। साथ ही 23 से 26 अक्तूबर के बीच उन्हें ओडिशा तट और पश्चिम-मध्य व उत्तरी बंगाल की खाड़ी में जाने से मना किया है।  इधर, संभावित खतरे के मद्देनजर ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने तटीय इलाकों को खाली करा लिया है और आपदा प्रबंधन यूनिट को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। 



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