Home Sports सूर्यकुमार यादव कैसे करते हैं गेंदबाजों का काम तमाम? खुद बताया अपनी बल्लेबाजी के पीछे का विज्ञान

सूर्यकुमार यादव कैसे करते हैं गेंदबाजों का काम तमाम? खुद बताया अपनी बल्लेबाजी के पीछे का विज्ञान

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सूर्यकुमार यादव कैसे करते हैं गेंदबाजों का काम तमाम? खुद बताया अपनी बल्लेबाजी के पीछे का विज्ञान

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हाइलाइट्स

टी20 वर्ल्ड कप में सूर्यकुमार यादव का बल्ला जमकर बोल रहा है
भारतीय बल्लेबाज ने 5 मैच में 193 के स्ट्राइक रेट से 225 रन ठोके हैं

नई दिल्ली. भारत अगर टी20 वर्ल्ड कप 2022 (T20 World Cup 2022) के सेमीफाइनल में पहुंचा तो उसमें सूर्यकुमार यादव का अहम योगदान है. दिग्गजों ने पहले ही इस बात की भविष्यवाणी कर दी थी कि सूर्यकुमार इस टूर्नामेंट में जमकर चमकेंगे. उन्होंने अब तक इसे सही साबित किया है. सूर्यकुमार ने ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों पर जिस तरह के शॉट्स खेले हैं, उसे देखकर हर कोई दंग है. उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच में भी 25 गेंद में नाबाद 61 रन ठोके थे. अपनी इस पारी में उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह से स्कूप और लैप स्वीप खेला, उसे देखकर क्रिकेट पंडित भी हैरान हैं.

सूर्यकुमार ने बल्लेबाजी के विज्ञान को एक तरह से फेल कर दिया और बिल्कुल ही अलग स्तर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं. वो गुड लेंथ गेंद पर भी छक्का जड़ दे रहे हैं. यही वजह है कि उनके खिलाफ कोई टीम प्लान ही नहीं बना पा रही है. आखिर कैसे सूर्यकुमार गेंदबाजों का काम तमाम कर रहे हैं. वो कैसे बल्लेबाजी के विज्ञान को पीछे छोड़ अलग लकीर खींच कर रहे हैं. इस बल्लेबाज ने खुद इस बात का खुलासा किया.

ईएसपीएन क्रिकइन्फो के साथ एक इंटरव्यू में सूर्यकुमार यादव ने अपनी बल्लेबाजी के पीछे के विज्ञान को समझाया. उन्होंने बताया कि वो स्कूल के दिनों में काफी रबर बॉल क्रिकेट खेले हैं और आज वो जिस तरह के शॉट तेज गेंदबाजों के खिलाफ खेल पा रहे हैं, उसमें कहीं न कहीं उसका हाथ है.

रबर बॉल से क्रिकेट खेलने का हुआ फायदा: सूर्यकुमार
सूर्यकुमार ने कहा, ‘मैं अपने स्कूल के दिनों में रबर बॉल से काफी क्रिकेट खेला हूं. हम सीमेंट के विकेट पर खेलते थे. उस पर गेंद काफी तेज आती है और रबर बॉल होने की वजह से उछाल भी ज्यादा रहता था. इसी तरह के विकेट पर खेलने की वजह से मैं तेज गेंदबाजों के खिलाफ इस तरह के शॉट खेल पा रहा हूं. उन्होंने आगे कहा कि स्कूल के दिनों में हम जिस मैदान पर खेलते थे, उसकी एक तरफ की बाउंड्री 75-80 मीटर होती थी और विकेट के पीछे इसकी लंबाई 70 मीटर के आसपास थी. ऐसे में जब आप रबर बॉल से सीमेंट के विकेट पर खेलते हैं तो अतिरिक्त उछाल के कारण किसी बल्लेबाज के लिए स्कूप, पुल और अपरकट या पॉइंट के ऊपर से शॉट मारना आसान हो जाता है.’

‘मैं नेट्स पर स्वीप, स्कूप की प्रैक्टिस नहीं करता’
इस भारतीय बल्लेबाज ने आगे कहा, ‘स्क्वेयर ऑफ द विकेट की तरफ ये जो शॉट आज आप मुझे खेलते देख रहे हैं. मैंने नेट्स पर कभी इसका अभ्यास नहीं किया. ना ही कभी किसी गेंदबाज या बॉलिंग मशीन के साथ इस तरह की प्रैक्टिस की है. यह सारे स्ट्रोक रबर की गेंद से खेलने से आए हैं.’

गेंद फेंकने से पहले ही शॉट के बारे में सोच लेते हैं
यह पूछे जाने पर कि क्या उनके पास एक समय में एक से अधिक शॉट खेलने के विकल्प होते हैं. इस पर सूर्यकुमार ने कहा,’ मैं गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले ही दो-तीन शॉट दिमाग में सोच लेता हूं. अगर गेंद उसी जोन में आई, तो फिर बिना झिझक के सोचा हुआ शॉट खेलता हूं और अगर गेंदबाज बिल्कुल अलग तरह की गेंद फेंकता है तो फिर उसी समय शॉट में बदलाव करता हूं. ऐसा मैं नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़ा होते हुए भी सोचता हूं.’

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शॉर्ट पिच या हार्ड लेंथ गेंदबाजी को लेकर सूर्यकुमार ने कहा कि जब आपके शरीर पर गेंद आ रही होती है तो आपके पास अपरकट,स्कूप या विकेट के पीछे अलग तरह का शॉट खेलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है.

सूर्यकुमार यादव ने अब तक टी20 वर्ल्ड कप के 5 मैच में 193 के स्ट्राइक रेट और 75 की औसत से 225 रन बनाए हैं. उन्होंने 3 अर्धशतक लगाए हैं. अब भारत की सेमीफाइनल में टक्कर इंग्लैंड से है. ऐसे में भारतीय फैंस की यही उम्मीद होगी कि सूर्यकुमार यादव का यह फॉर्म बरकरार रहे.

Tags: India Vs England, India vs Zimbabwe, Suryakumar Yadav, T20 World Cup, T20 World Cup 2022, Team india

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