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ऊर्जा मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 14 जनवरी, 2022 के संशोधित कंसोलिडेटेड दिशानिर्देशों और मानकों में संशोधन जारी किया है। घोषित संशोधन के अनुसार, देश के सभी सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों में दिन के समय की दरों और सौर घंटों के लिए छूट के साथ सर्विस चार्ज (सेवा शुल्क) के प्रीपेड कलेक्शन की सुविधा होनी चाहिए।
सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण) (सीईए) के तहत एक समिति द्वारा इन ईवी स्टेशनों पर लगाए जाने वाले सर्विस चार्ज की उच्चतम सीमा पर राज्य सरकारों को सिफारिशें दी जाएंगी। समिति सर्विस चार्ज के लिए ‘दिन का समय दर’ और सौर घंटों के दौरान चार्ज करने के लिए दी जाने वाली छूट की भी सिफारिश करेगी।
भारत इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में विभिन्न राज्य, संस्थान और वाहन निर्माता ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर काम कर रहे हैं ताकि लोगों के लिए ईवी के मालिक होने को सुविधाजनक बनाया जा सके। पिछले महीने, दिल्ली सरकार ने एलान किया कि उसने अपनी सिंगल विंडो सुविधा के तहत एक साल से भी कम समय में 1,000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं। दिल्ली सरकार अगले तीन वर्षों में 18,000 ऐसे पॉइन्ट स्थापित करने की योजना बना रही है। EV चार्जर के लिए सिंगल विंडो सुविधा नवंबर 2021 में शुरू की गई थी।
वेस्ट बंगाल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) ने भी राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने में दिलचस्पी का स्वागत किया है। आधिकारिक सूत्रों ने साझा किया कि राज्य द्वारा संचालित संगठन ने 205 चार्जिंग या बैटर-स्वैपिंग स्टेशन बनाने के लिए ऑपरेटरों से निविदाएं आमंत्रित की हैं।
महिंद्रा, एमजी मोटर, टाटा मोटर्स, एथर एनर्जी जैसे वाहन निर्माता भी राज्यों और राजमार्गों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। पिछले महीने के आखिर में, महिंद्रा ने एक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग कंपनी, चार्ज+ जोन के साथ साझेदारी की, ताकि उसकी आने वाले ईवी चार्ज+ जोन की लगभग 2,5000 चार्जिंग पॉइंट का इस्तेमाल कर सके।
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