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PM Modi in Bali
– फोटो : ANI
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इंडोनेशिया के बाली में हो रहा जी 20 शिखर सम्मेलन ‘युद्ध के युग’ को खारिज करने वाले पीएम मोदी के बयान को अपने मसौदे में शामिल करने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस की निंदा करते हुए जी-20 अब “आज का युग युद्ध का नहीं होना चाहिए” पंक्ति का उपयोग करेगा। दिलचस्प बात है कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समरकंद में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी बैठक के दौरान युद्ध के खिलाफ उनकी टिप्पणी से प्रेरित है। बयान के मसौदे के मुताबिक, जी-20 रूस के साथ यूक्रेन के अनाज सौदे के विस्तार की भी मांग करेगा जो शनिवार को समाप्त हो रहा है।
जानिए क्या-क्या है मसौदे में
मसौदे में कहा गया है, इस साल हमने यूक्रेन में युद्ध को वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालते देखा है। कई देशों ने हमारी स्थिति को दोहराया है और अधिकांश सदस्यों ने यूक्रेन में युद्ध की कड़ी निंदा की। यह अत्यधिक मानवीय पीड़ा दे रहा है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मौजूदा कमजोरियों को बढ़ा रहा है। परमाणु हथियारों का इस्तेमाल या इस्तेमाल की धमकी अस्वीकार्य है। संघर्षों का शांतिपूर्ण समाधान, संकटों को दूर करने के प्रयास, कूटनीति और संवाद महत्वपूर्ण हैं। आज का युग युद्ध का नहीं होना चाहिए।
पहली बार पीएम मोदी ने समरकंद में दिया था बयान
“आज का युग युद्ध का नहीं होना चाहिए” बयान पहली बार भारतीय पीएम द्वारा उज़्बेकिस्तान में शिखर सम्मेलन के मौके पर इस्तेमाल किया गया था। तब रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ पीएम मोदी की आमने-सामने की मुलाकात हुई थी। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक से इतर मोदी ने पुतिन से कहा था, मैं जानता हूं कि आज का युग युद्ध का युग नहीं है और मैंने इस बारे में आपसे फोन पर बात की है।
इस पर पुतिन ने जवाब दिया, मुझे यूक्रेन में संघर्ष पर आपकी स्थिति के बारे में पता है और मुझे आपकी चिंताओं के बारे में पता है। हम चाहते हैं कि यह सब जल्द से जल्द खत्म हो। पश्चिम में मोदी की टिप्पणी की व्यापक रूप से सराहना की गई थी। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि वह पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सहमत हैं और यूक्रेन पर भारतीय नजरिए की सराहना करते हैं।
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