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नेपाल आम चुनाव: हिमालयी देश नेपाल में प्रतिनिधि सभा और सात प्रांतों की विधानसभाओं के लिए गत रविवार को मतदान हुआ था। मतों की गिनती सोमवार को शुरू की गई और अभी अंतिम परिणाम आना बाकी है। चुनाव आयोग के मुताबिक, नेपाल में करीब 61 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। हालांकि इस बार आम चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की मौजूदगी सबसे ज्यादा चर्चा में है। बताया जा रहा है कि नई पार्टी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर नेपाल के पुराने नेताओं और बड़े राजनीतिक दलों को कड़ी चुनौती पेश की है।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से जुड़ी दिलचस्प बात यह भी है कि इस पार्टी का गठन सिर्फ 6 महीने पहले हुआ है। पार्टी का दावा है कि वह नेपाल की राजनीति के चरित्र और चेहरे को बदलने के लिए मैदान में आई है। इस चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को कोई बड़ी सफलता नहीं दिख रही है लेकिन ऐसा लगता है कि जनता ने इस दल को बहुत सी सीट दी है उसे नई पार्टी के लिए लावारिस से काफी अच्छा कहा जाएगा।
आरएसपी को मिली शानदार पार्टी
वर्तमान में यह पार्टी करीब 12 डिग्री से अधिक प्रभावित होती है। राजधानी की तीन बातों पर इसने जीत का परचम लहरा दिया है और काठूमांडू की ही तीन अन्य स्थितियों पर यह अधिकता बनाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि इन नई पार्टी की वजह से रूढ़िवादी कांग्रेस, माओवादी और प्रतिपक्षी एमाले को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। उनके कई बड़े नेता इस पार्टी के मैदान में आने से हार का सामना करना पड़ा है।
टेलीविजन हस्ती रबी लामिछाने ने गठन किया
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) का गठन पूर्व टेलीविजन हस्ती रबी लामिछाने (48) ने किया है। रवि 6 महीने पहले तक नेपाल के एक निजी टीवी चैनल शो पर एक लोकप्रिय कार्यक्रम चला रहे थे लेकिन जब उन्हें जनता का प्यार मिला चला तो उन्होंने राजनीतिक पारी का आगाज कर दिया।
पर्यवेक्षकों का क्या कहना है?
आरएसपी के चुनावी दावेदार घंटी के संदर्भ में एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है, ‘बड़े मतदाताओं के खिलाफ घंटी बज रही है।’ पर्यवेक्षकों ने कहा कि आरएसपी का प्रभावशाली प्रदर्शन एनसी और सीपीएन-यू जैसे अन्य लोगों के लिए एक चेतावनी है।
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