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Rajasthan: तो जिंदा होता गैंगस्टर राजू ठेहट, नौ महीने से था जान को खतरा, पुलिस से मांगी थी सुरक्षा

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Rajasthan: तो जिंदा होता गैंगस्टर राजू ठेहट, नौ महीने से था जान को खतरा, पुलिस से मांगी थी सुरक्षा

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घर के बाहर राजू ठेहट को बदमाशों ने गोली मारी थी।

घर के बाहर राजू ठेहट को बदमाशों ने गोली मारी थी।
– फोटो : सोशल मीडिया

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राजस्थान के सीकर में गैंगस्टर राजू ठेहट की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। शनिवार को बदमाशों ने राजू को उसके घर के बाहर गोली मार दी। रविवार सुबह मुठभेड़ के बाद पुलिस ने राजू की हत्या में शामिल पांचों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दो बदमाशों के पैर में भी गोली लगी है।

इधर, राजू ठेहट के हत्या से जुड़ी एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जेल से बाहर आने के बाद से राजू की जान को खतरा था। उसे जान से मारने की धमकियां भी मिलीं थी। जिसके बाद उसने राजस्थान पुलिस के आला अधिकारियों को ईमेल कर सुरक्षा मांगी थी। उसने पुलिस अधिकारियों को एक पत्र भेजा था, जिसमें उसने खुद की जान को भी खतरा बताया था। राजू ने पत्र में कहा था कि उसकी जान को खतरा है। केस की तारीख पर कोर्ट आते-जाते समय उसके साथ किसी तरह की वारदात हो सकती है। ऐसे में उसने पुलिस से सुरक्षा देने का आग्रह किया था। 

राजू के वकील ने भी मुख्यमंत्री, डीजीपी और गृह विभाग को पत्र लिखकर सुरक्षा देने का आग्रह किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ लोग राजू की हत्या की साजिश रच रहे हैं। राजू और उसके वकील ने कई बार पुलिस से सुरक्षा देने का आग्रह औपचारिक और अनौपचारिक रूप से किया, लेकिन उसे सुरक्षा नहीं दी गई। राजू ठेहट के करीबियों का आरोप है कि अगर पुलिस सुरक्षा मुहैया कराती तो आज राजू जिंदा होता।

क्या लिखा था पत्र में? 
पूर्व में प्रार्थी के विरूद्ध काफी फर्जी मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें कुछ मुकदमों के अलावा लगभग सभी मुकदमों में प्रार्थी को विभिन्न न्यायालयों ने बरी कर दिया है। जेल में न्यायिक अभिरक्षा में रहते हुए प्रार्थी पर विरोधी व्यक्तियों द्वारा जानलेवा हमला किया गया था और फायरिंग भी की गई थी, जिसमें उसे दो गोलियां लगी थी। एक गोली अभी भी प्रार्थी की गर्दन में फंसी हुई है। प्रार्थी के विरूद्ध जो मुकदमे विचाराधीन है उनमें वह जमानत पर है। जब से प्रार्थी जेल से बाहर आया है अपने आवासीय मकान वार्ड नम्बर-53, रियल एस्टेट कॉलोनी, पिपराली रोड़ सीकर में शांतिपूर्वक निवास कर रहा है। 

प्रार्थी के खिलाफ सीकर और नागौर की कोर्ट में कुछ केसों की सुनवाई चल रही है। ऐसे में उसे कोर्ट की तारीख पर पेशी पर जाना पड़ता है। विरोधी लोगों की धमकी से उसे रास्ते और न्यायालय परिसर में जान का खतरा है। विरोधी व्यक्ति प्रार्थी के खिलाफ साजिश रच रहे हैं और उस पर कभी भी जानलेवा हमला कर सकते हैं। कुछ अखबारों में प्रकाशित खबर की कॉपी संल्गन कर रहा हूं।

जिसे पढ़कर स्पष्ट हो जाएगा कि विरोधी व्यक्ति प्रार्थी को जान से मारने की साजिश रच रहे हैं। पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों ने अपने बयान में कहा है कि हम राजू ठेहट को मारने के लिए गैंग को मजबूत कर रहे हैं। इससे प्रार्थी की जान को पूरा-पूरा खतरा बना हुआ है। इस कारण प्रार्थी को पेशी और परिवार के कार्य के लिए बाहर जाने-आने के लिए स्थायी रूप से पुलिस सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करवाया जाना उचित और आवश्यक है। 

क्या है मामला? 
बता दें कि शुक्रवार को सीकर जिले में गैंगस्टर राजू ठेहट की गोली मारकर हत्या कर दी गई। राजू ठेहट की आनंदपाल और बिश्नोई गैंग से पुरानी दुश्मनी थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के रोहित गोदारा ने ठेहट की हत्या की जिम्मेदारी ली है। गोदारा ने एक सोशल मीडिया पर की पोस्ट में लिखा- आनंदपाल और बलबीर की हत्या का बदला ले लिया है। दिनदहाड़े हुई राजू की हत्या ने मामले को गर्मा दिया था। हत्या कर फरार हुए बदमाशों ने को पुलिस लगातार तलाश रही थी। रविवार को पुलिस ने हत्याकांड में शामिल चार शूटर्स सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। राजस्थान पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने बताया कि दो बदमाशों को हरियाणा बॉर्डर के नजदीक डाबला से पकड़ा गया है, जबकि तीन की गिरफ्तारी झुंझुनू के पौंख गांव से हुई है। पुलिस से मुठभेड़ में दो बदमाशों को गोली है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।  

विस्तार

राजस्थान के सीकर में गैंगस्टर राजू ठेहट की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। शनिवार को बदमाशों ने राजू को उसके घर के बाहर गोली मार दी। रविवार सुबह मुठभेड़ के बाद पुलिस ने राजू की हत्या में शामिल पांचों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दो बदमाशों के पैर में भी गोली लगी है।

इधर, राजू ठेहट के हत्या से जुड़ी एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जेल से बाहर आने के बाद से राजू की जान को खतरा था। उसे जान से मारने की धमकियां भी मिलीं थी। जिसके बाद उसने राजस्थान पुलिस के आला अधिकारियों को ईमेल कर सुरक्षा मांगी थी। उसने पुलिस अधिकारियों को एक पत्र भेजा था, जिसमें उसने खुद की जान को भी खतरा बताया था। राजू ने पत्र में कहा था कि उसकी जान को खतरा है। केस की तारीख पर कोर्ट आते-जाते समय उसके साथ किसी तरह की वारदात हो सकती है। ऐसे में उसने पुलिस से सुरक्षा देने का आग्रह किया था। 

राजू के वकील ने भी मुख्यमंत्री, डीजीपी और गृह विभाग को पत्र लिखकर सुरक्षा देने का आग्रह किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ लोग राजू की हत्या की साजिश रच रहे हैं। राजू और उसके वकील ने कई बार पुलिस से सुरक्षा देने का आग्रह औपचारिक और अनौपचारिक रूप से किया, लेकिन उसे सुरक्षा नहीं दी गई। राजू ठेहट के करीबियों का आरोप है कि अगर पुलिस सुरक्षा मुहैया कराती तो आज राजू जिंदा होता।



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