Home Breaking News Himachal: हिमाचल के किन्नौर जिले में भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 3.4 रही तीव्रता

Himachal: हिमाचल के किन्नौर जिले में भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 3.4 रही तीव्रता

0
Himachal: हिमाचल के किन्नौर जिले में भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 3.4 रही तीव्रता

[ad_1]

भूकंप

भूकंप
– फोटो : ANI

ख़बर सुनें

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.4 रही। भूकंप का केंद्र किन्नौर जिले के चांगो में जमीन के अंदर पांच किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

शुक्रवार रात 10:02 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। विशेष सचिव आपदा प्रबंधन सुदेश मोक्टा ने कहा कि भूकंप का केंद्र किन्नौर में चांगो में पांच किलोमीटर गहराई पर था। झटके कुछ सेकंड तक रहे, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए। 

1905 के भूकंप में 20 हजार से ज्यादा गईं थीं जानें
बता दें हिमाचल भूकंप की दृष्टि से सिस्मिक जोन चार और पांच में आता है। कांगड़ा, चंबा, लाहौल, कुल्लू और मंडी भूकंप की दृष्टि से सबसे अति संवेदनशील क्षेत्र हैं। कांगड़ा में 4 अप्रैल, 1905 की अल सुबह आए 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप में 20 हजार से ज्यादा इंसानी जानें चली गई थीं। भूकंप से एक लाख के करीब इमारतें तहस-नहस हो गई थीं, जबकि 53 हजार से ज्यादा मवेशी भी भूकंप की भेंट चढ़ गए थे।

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.4 रही। भूकंप का केंद्र किन्नौर जिले के चांगो में जमीन के अंदर पांच किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

शुक्रवार रात 10:02 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। विशेष सचिव आपदा प्रबंधन सुदेश मोक्टा ने कहा कि भूकंप का केंद्र किन्नौर में चांगो में पांच किलोमीटर गहराई पर था। झटके कुछ सेकंड तक रहे, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए। 

1905 के भूकंप में 20 हजार से ज्यादा गईं थीं जानें

बता दें हिमाचल भूकंप की दृष्टि से सिस्मिक जोन चार और पांच में आता है। कांगड़ा, चंबा, लाहौल, कुल्लू और मंडी भूकंप की दृष्टि से सबसे अति संवेदनशील क्षेत्र हैं। कांगड़ा में 4 अप्रैल, 1905 की अल सुबह आए 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप में 20 हजार से ज्यादा इंसानी जानें चली गई थीं। भूकंप से एक लाख के करीब इमारतें तहस-नहस हो गई थीं, जबकि 53 हजार से ज्यादा मवेशी भी भूकंप की भेंट चढ़ गए थे।



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here