Home Breaking News Bombay High Court: भूमि विवाद पर महाराष्ट्र के मंत्री सत्तार को हाईकोर्ट का नोटिस, अगली सुनवाई जनवरी में

Bombay High Court: भूमि विवाद पर महाराष्ट्र के मंत्री सत्तार को हाईकोर्ट का नोटिस, अगली सुनवाई जनवरी में

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Bombay High Court: भूमि विवाद पर महाराष्ट्र के मंत्री सत्तार को हाईकोर्ट का नोटिस, अगली सुनवाई जनवरी में

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अब्दुल सत्तार

अब्दुल सत्तार
– फोटो : ANI

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बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने कृषि मंत्री और पूर्व राजस्व राज्य मंत्री अब्दुल सत्तार से वाशिम जिले में गैराना के लिए आरक्षित 37 एकड़ और 19 गुंटा जमीन को एक व्यक्ति के लिए आरक्षित करने के आदेश पर जवाब मांगा है। 

उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने 22 दिसंबर को नोटिस जारी किया था। पीठ जून 2022 में सत्तार के राजस्व मंत्री रहने के दौरान दिए गए आदेश के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।  याचिका के अनुसार, 37 एकड़ चराई के लिए निर्धारित सार्वजनिक उपयोगिता भूमि को एक निजी व्यक्ति के पक्ष में ‘नियमित’ किया गया था।

याचिकाकर्ता ने कहा कि इस निजी व्यक्ति के दावे को दीवानी अदालत द्वारा खारिज कर दिए जाने के बाद भी ऐसा किया गया था, जिसके वकील सुनील मनोहर थे।  उच्च न्यायालय ने कहा कि प्रथम दृष्टया सत्तार ने इस ज्ञान के साथ आदेश पारित किया कि अतिरिक्त जिला न्यायाधीश वाशिम ने गैरन भूमि पर अपने कब्जे को जारी रखने के लिए निजी व्यक्ति के दावे को अस्वीकार कर दिया था।

अदालत ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि हम याचिकाकर्ताओं को अपनी सद्भावना दिखाने के लिए पचास हजार रुपये की राशि इस अदालत में जमा करने का निर्देश देंगे। हाईकोर्ट 11 जनवरी, 2023 को मामले की आगे सुनवाई करेगा।

विस्तार

बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने कृषि मंत्री और पूर्व राजस्व राज्य मंत्री अब्दुल सत्तार से वाशिम जिले में गैराना के लिए आरक्षित 37 एकड़ और 19 गुंटा जमीन को एक व्यक्ति के लिए आरक्षित करने के आदेश पर जवाब मांगा है। 

उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने 22 दिसंबर को नोटिस जारी किया था। पीठ जून 2022 में सत्तार के राजस्व मंत्री रहने के दौरान दिए गए आदेश के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।  याचिका के अनुसार, 37 एकड़ चराई के लिए निर्धारित सार्वजनिक उपयोगिता भूमि को एक निजी व्यक्ति के पक्ष में ‘नियमित’ किया गया था।

याचिकाकर्ता ने कहा कि इस निजी व्यक्ति के दावे को दीवानी अदालत द्वारा खारिज कर दिए जाने के बाद भी ऐसा किया गया था, जिसके वकील सुनील मनोहर थे।  उच्च न्यायालय ने कहा कि प्रथम दृष्टया सत्तार ने इस ज्ञान के साथ आदेश पारित किया कि अतिरिक्त जिला न्यायाधीश वाशिम ने गैरन भूमि पर अपने कब्जे को जारी रखने के लिए निजी व्यक्ति के दावे को अस्वीकार कर दिया था।

अदालत ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि हम याचिकाकर्ताओं को अपनी सद्भावना दिखाने के लिए पचास हजार रुपये की राशि इस अदालत में जमा करने का निर्देश देंगे। हाईकोर्ट 11 जनवरी, 2023 को मामले की आगे सुनवाई करेगा।



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