Home Breaking News Indian Equity Market 2022: अदाणी के शेयरों में उछाल और बैंकिंग सेक्टर की मजबूती, भारत ऐसे बना ‘पसंदीदा बाजार’

Indian Equity Market 2022: अदाणी के शेयरों में उछाल और बैंकिंग सेक्टर की मजबूती, भारत ऐसे बना ‘पसंदीदा बाजार’

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Indian Equity Market 2022: अदाणी के शेयरों में उछाल और बैंकिंग सेक्टर की मजबूती, भारत ऐसे बना ‘पसंदीदा बाजार’

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2022 में घरेलू शेयर बाजार का हाल

2022 में घरेलू शेयर बाजार का हाल
– फोटो : amarujala.com

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बढ़ी ब्याज दरों और आर्थिक मंदी की चिंताओं को पीछे छोड़ते हुए भारतीय शेयर वर्ष 2022 में वैश्विक स्तर पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला बाजार बनने को तैयार है। एसएंडपी बीएसई इंडेक्स में वर्ष 2022 में अब तक 3% की वृद्धि दिखी है। जो सिंगापुर और इंडोनेशिया के शेयर बाजार में सुस्ती के बाद दुनिया के शेयर बाजारों में दर्ज की गई सबसे बड़ी वृद्धि है। मजबूत मुनाफे ने भारतीय शेयर बाजारों को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया। भारतीय अर्थव्यवस्था ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई, हालांकि इस दौरान एमएससीआई ऑल कंट्री वर्ल्ड इंडेक्स 20% तक नीचे फिसल गया।

# अदाणी ग्रुप के शेयरों ने कराया मुनाफा, टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों में दिखी गिरावट
वर्ष 2022 में इक्विटी मार्केट को जिन शेयरों के कारण सबसे अधिक मजबूती हासिल हुई उनमें भारतीय अरबपति गौतम अदाणी की कंपनियों का खासा योगदान रहा। बैंकिंग सेक्टर के शेयरों ने भी ऋणों की मांग में उछाल के कारण बाजार की हरियाली को बनाए रखने में अहम योगदान दिया। साल 2022 टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दिखी। कुछ आईटी कंपनियों के शेयरों ने आईपीओ के बाद बाजार को बड़े पैमाने पर निराश किया। सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता आईटी कंपनियों के शेयर भी वैश्विक बाजार में मांग घटने की आशंका के कारण फिसलते नजर आए।

# घरेलू शेयर बाजार में बढ़त के बावजूद वैश्विक स्तर पर बाजार का दृष्टिकोण अस्पष्ट
इस वर्ष भारतीय शेयर बाजार में ठीक-ठाक प्रदर्शन के बावजूद वैश्विक स्तर पर इक्विटी मार्केट पर दृष्टिकोण अस्पष्ट है। गोल्डमैन सैक्स ग्रुप की ओर से चीन और दक्षिण कोरिया के बाजारों की स्थिति को देखते हुए नए साल में बाजार की गति कम रहने की आशंका जताई है। जेपी मॉर्गन के विश्लेषक संजय मुकीम ने इस महीने एक नोट में लिखा है कि धीमी वैश्विक वृद्धि निकट अवधि में देश की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ सकती है, भले ही इसका “संरचनात्मक खांका” लॉन्ग टर्म में महत्वपूर्ण और आकर्षण का केंद्र बना रहे।

आइए जानते हैं उन कारकों के बारे में जिन्होंने वर्ष 2022 में भारतीय शेयर बाजार को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया।

  • अदाणी ग्रुप की कंपनियों का बेहतरीन प्रदर्शन

पोर्ट से लेकर ऊर्जा तक के कारोबार में लगी अदाणी ग्रुप की सात लिस्टेड कंपनियों की मार्केट वैल्यू में वर्ष 2022 के दौरान दोगुने से अधिक का इजाफा हुआ है। इनमें ऊर्जा जरूरतों की वृद्धि के कारण अदाणी पावर लिमिटेड सबसे अधिक मजबूती हासिल करने वाली कंपनी बनी। वहीं अदाणी समूह की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेस के शेयर 113 प्रतिशत तक उछले हैं। यह एनएसई निफ्टी 50 में शामिल दूसरी ग्रुप फर्म बन गई है। बीते 12 महीने की कीमतों के आधार पर ग्रुप की ज्वाइंट वेंचर में चलने वाली कंज्यूमर फुड बिजनेस कंपनी अदाणी विल्मर लिमिटेड के शेयरों के लिए भी एनालिस्ट्स का रुख सकारात्मक है।  कंपनी शेयरों की कीमतों में भी वर्तमान स्तरों से 24% तक का इजाफा देखने को मिल सकता है। इस कंपनी के शेयरों में अधिक वैल्युएशन की खबरों के बाद निवेशकों की ओर से बिकवाली देखने को मिली थी।

  • बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में रिकवरी

एसएंडपी बीएसई के बैंकिंग सेक्टर के शेयर वर्ष 2022 में 18% तक उछले। बैंकिंग सेक्टर के शेयरो में यह मजबूती बैड लोन्स के सफल समाधान, खराब ऋणों से निपटने के लिए वैकल्पिक उपाय के तहत बैड बैंक बनाने और ऋण मांगों में सुधार के कारण आई। कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक उदय कोटक ने बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सुधार को सिंड्रेला मोमेंट करार दिया। हालांकि, मैक्वेरी कैपिटल के एनालिस्ट सुरेश गणपती के अनुसार जमा और क्रेडिट ग्रोथ के बीच बढ़ती दूरी ऐसी चीज है जिस पर अब भी नजर बनाए रखने की जरूरत है। देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक के शेयर इस वर्ष 25% तक मजबूत हुए हैं। जानकारों का अनुमान है कि इसके शेयरों में अगले 12 महीनों इसी गति से वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

  • आईपीओ लाने वाली कंपनियों का खराब प्रदर्शन 

वर्ष 2021 के अंत में आए दो प्रमुख आईपीओ ने इस वर्ष बाजार को निराश किया। फिनटेक कंपनी पेटीएम और ऑनलाइन इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसीबाजार के शेयर 2022 में 50% से अधिक तक लुढ़क गए। आईपीओ के बाद निवेशकों का पैसा डुबोने वाली कंपनियों की लिस्ट में फूड डिलेवरी स्टार्टअप जोमेटो, ब्यूटी प्रोडक्ट्स की रिटेलर नायका और लॉजिस्टिक्स फर्म डेल्हीवरी नाम भी जुड़ गया। पेटीएम को पछाड़कर देश का सबसे बड़ा आईपीओ बनने वाली सरकारी कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम के शेयरों भी मई से अब तक एक चौथाई से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

  • वैश्विक मंदी की आशंका के बीच आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी

अमेरिका और यूरोप में संभावित मंदी की चिंताओं के बीच आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयर 2022 में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शेयरों में रहे। इंफोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज सहित प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर में गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों में कमजोरी के कारण वर्ष 2022 इस सेक्टर के शेयरों के लिए 2008 के बाद से अपने सबसे खराब वर्ष साबित हुआ है। जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज के विश्लेषक अभिषेक कुमार के अनुसार बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाता कंपनियों के शेयरों में अभी गिरावट का लंबा दौर जारी रह सकता है।

  • जेनरिक दवाओं की कीमतें कम होने से फर्मा सेक्टर प्रभावित हुआ

अरबिंदो फार्मा लिमिटेड और डिविज लैबोरेटरीज लिमिटेड जैसी दवा निर्यातक कंपनियों के शेयरों को 2022 में झटका बड़ा झटका लगा। ऐसा अमेरिका में अमेरिका में जेनेरिक दवाओं की कीमतें गिरने के कारण हुआ। बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के मुख्य निवेश अधिकारी संपत रेड्डी ने कहा कि दवा निर्माता कंपनियां विदेशों में कम कीमतों के जवाब में लाभदायक जटिल जेनेरिक दवाओं पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

विस्तार

बढ़ी ब्याज दरों और आर्थिक मंदी की चिंताओं को पीछे छोड़ते हुए भारतीय शेयर वर्ष 2022 में वैश्विक स्तर पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला बाजार बनने को तैयार है। एसएंडपी बीएसई इंडेक्स में वर्ष 2022 में अब तक 3% की वृद्धि दिखी है। जो सिंगापुर और इंडोनेशिया के शेयर बाजार में सुस्ती के बाद दुनिया के शेयर बाजारों में दर्ज की गई सबसे बड़ी वृद्धि है। मजबूत मुनाफे ने भारतीय शेयर बाजारों को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया। भारतीय अर्थव्यवस्था ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई, हालांकि इस दौरान एमएससीआई ऑल कंट्री वर्ल्ड इंडेक्स 20% तक नीचे फिसल गया।



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