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BCCI Meeting: भारतीय खिलाड़ियों के लिए अब यो-यो टेस्ट के साथ ‘डेक्सा’ भी जरूरी, जानें इनके बारे में सब कुछ

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BCCI Meeting: भारतीय खिलाड़ियों के लिए अब यो-यो टेस्ट के साथ ‘डेक्सा’ भी जरूरी, जानें इनके बारे में सब कुछ

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यो-यो टेस्ट के दौरान भारतीय खिलाड़ी

यो-यो टेस्ट के दौरान भारतीय खिलाड़ी
– फोटो : सोशल मीडिया

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रविवार को टी20 वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन और आगे के रोडमैप को तैयार करने को लेकर समीक्षा बैठक की। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इनमें से ज्यादातर फैसले खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर लिए गए हैं। अब यो-यो टेस्ट और डेक्सा में पास होना खिलाड़ियों के राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए जरूरी कर दिया गया है।

यो-यो टेस्ट में कोरोना के दौरान खिलाड़ियों के मेंटल हेल्थ को देखते हुए थोड़ी नरमी बरती गई थी। हालांकि, अब फिर से यो-यो टेस्ट को जरूरी कर दिया गया है। साथ ही डेक्सा जिसे ड्यूअल एनर्जी एक्स-रे एब्जॉर्पटियोमेट्री कहते हैं, लागू किया गया है। आइए इन दोनों के बारे में जानते हैं…

Indian cricketers undergoing DNA/genetic fitness test | Sports News,The  Indian Express
यो-यो टेस्ट
भारतीय क्रिकेट में यो-यो टेस्ट पिछले कई वर्षों से चर्चा का विषय बना रहा है। कोरोना से पहले तक टीम इंडिया में चयन के लिए इस टेस्ट को पास करना जरूरी था। कोरोना के समय इसमें ढील दी गई। यो-यो टेस्ट के कारण ही भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस में काफी सुधार देखने को मिला है। आईपीएल के 15वें सीजन से ठीक पहले हार्दिक पंड्या और पृथ्वी शॉ सहित कई भारतीय खिलाड़ियों का यो-यो टेस्ट हुआ था। हार्दिक तो टेस्ट में पास हो गए, लेकिन पृथ्वी फेल हो गए। 

इससे पहले भी कई खिलाड़ी यो-यो टेस्ट में फेल हो चुके हैं। इनमें युवराज सिंह, सुरेश रैना, अंबाती रायुडू, मोहम्मद शमी, संजू सैमसन और वरुण चक्रवर्ती जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। अब तो आईपीएल खेलने के लिए भी यो-यो टेस्ट को जरूरी कर दिया गया है। यानी जो खिलाड़ी बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में हैं, उन्हें यो-यो टेस्ट पास करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह आईपीएल नहीं खेल सकेंगे। चुंकि पृथ्वी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में नहीं थे, इस वजह से आईपीएल 2022 में खेले थे।

Yo-yo Fitness Test in Cricket - Ultimate Fitness Checker | Fitness Checkधोनी और कोहली के रहते भारतीय टीम में फिटनेस को अहम कर दिया गया था
यो-यो टेस्ट क्या है और भारतीय क्रिकेट टीम में कब शुरू किया गया था?

  • यो-यो टेस्ट बीप टेस्ट जैसा होता है। यह एक रनिंग टेस्ट होता है जिसमें दो सेटों के बीच दौड़ लगानी होती है। 
  • दो सेटों के बीच की दूरी 20 मीटर होती है। यह करीब-करीब क्रिकेट पिच की लंबाई के बराबर है। 
  • इस दौरान खिलाड़ियों को एक सेट से दूसरे सेट तक दौड़ना होता है और फिर दूसरे सेट से पहले सेट तक आना होता है। 
  • एक बार इस दूरी को तय करने पर एक शटल पूरा होता है।
  • टेस्ट की शुरुआत पांचवें लेवल से होती है। यह 23वें लेवल तक चलता रहता है।
  • हर एक शटल के बाद दौड़ने का समय कम होते रहता है, लेकिन दूरी में कमी नहीं होती है।
  • भारतीय खिलाड़ियों के यो-यो टेस्ट में 23 में से 16.5 स्कोर लाना होता है। पृथ्वी 15 तक भी नहीं पहुंचे सके थे।
  • यो-यो टेस्ट का आविष्कार डेनमार्क के फुटबॉल फिजियोलॉजिस्ट डॉ जेन्स बैंग्सबो ने 1990 के दशक में किया था। 
  • इसे इंटरमिटेंट रिकवरी टेस्ट (यो-यो टेस्ट) कहा जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य खेलों ने यो-यो टेस्ट को अपनाना शुरू कर दिया।
  • भारतीय क्रिकेट टीम में यह टेस्ट 2017 में जुड़ा था। तब स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच शंकर बसु ने इस टेस्ट को भारतीय टीम पर लागू किया था।

India 'A' do away with Team India's 'compulsory' Yo-Yo test- The New Indian  Express
काफी साल पहले खिलाड़ियों की फिटनेस की जांच के लिए स्किनफोल्ड टेस्ट किया जाता था। इसके बाद इसके लिए डेक्सा (DEXA) टेस्ट किया जाने लगा। स्किनफोल्ट टेस्ट को बहुत दिनों तक टीम इंडिया ने फॉलो किया, लेकिन उस टेस्ट के बॉडी फैट परसेंटेज का माप सही नहीं था। इसके बाद बॉडी फैट के सही आकलन के लिए डेक्सा टेस्ट किया जाने लगा।
हालांकि, बाद में डेक्सा को बंद कर दिया गया। अब फिर से इस टेस्ट की वापसी हुई है। दरअसल, आज के समय में खिलाड़ियों के लिए हड्डियों और जोड़ों का दर्द बेहद आम बात है। रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर से लेकर रोहित शर्मा तक हड्डी में चोट के कारण काफी दिनों तक क्रिकेट से दूर रह चुके हैं। ऐसे में अब बीसीसीआई इस मामले को गंभीरता से देख रहा है। 

Dual-energy X-ray absorptiometry - Wikipedia
डेक्सा टेस्ट
बीसीसीआई चाहता है कि खिलाड़ियों को इस तरह की दिक्कत होने से पहले ही उसका पता लगाया जा सके। डेक्सा स्कैन शरीर संरचना और हड्डियों के स्वास्थ्य को मापने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक है। यह दस मिनट का परीक्षण है जो शरीर के फैट को मापता है। इससे शरीर में बोन मास, फैट टिशू और मांसपेशियों के स्वास्थ्य का पता लगाया जा सकता है। इसे बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) टेस्ट भी कहा जाता है। आइए जानते हैं कि ये टेस्ट क्या है…

  • यह टेस्ट हड्डियों की मजबूती की जांच के लिए करवाया जाता है।
  • इस टेस्ट के जरिये ड्यूअल एनर्जी एक्स-रे एब्जॉर्पटियोमेट्री (डेक्सा) मशीन की मदद से हड्डियों के डेंसिटी को परखा जाता है।
  • इसके अलावा डेक्सा टेस्ट से हड्डियों की कमजोरी की वजह का पता लगाया जाता है। 
  • इस टेस्ट के जरिये हड्डियों में मौजूद कैल्शियम और अन्य मिनरल्स की जानकारी मिलती है।

What is a DEXA scan? Assessing A Patient's Bone Densityडेक्सा स्कैन
घरेलू क्रिकेटर्स के लिए यह मापदंड तैयार
इसके अलावा भारत के घरेलू क्रिकेटर्स को राष्ट्रीय टीम में सेलेक्शन के लिए पर्याप्त डॉमेस्टिक क्रिकेट खेलना होगा। यानी अब सिर्फ आईपीएल ही राष्ट्रीय टीम में चयन का जरिया नहीं है। टीम में चयन के लिए खिलाड़ियों को पर्याप्त डॉमेस्टिक क्रिकेट भी खेलना होगा। बीसीसीआई ने पुरुष क्रिकेट के एफटीपी और वर्ल्ड कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए नेशनल क्रिकेट एकेडमी को आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ मिलकर काम करने को कहा है।

साथ ही वनडे विश्व कप को देखते हुए बीसीसीआई ने 20 क्रिकेटर्स के नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं, जो वनडे वर्ल्ड कप के लिए बोर्ड की पहली पसंद हैं। इन्हें NCA और आईपीएल फ्रेंचाइजी साथ मिलकर मॉनिटर करेगी। यानी इन 20 खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हालांकि, बीसीसीआई को अगर लगा तो वह इन्हें हटा भी सकते हैं, लेकिन अगर सब कुछ ठीक रहा तो इन्हीं 20 में से वनडे वर्ल्ड कप के लिए स्क्वॉड का चयन होगा।

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यह बैठक श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज से पहले हुई है, जो तीन जनवरी से मुंबई में शुरू हो रही है। बीसीसीआई ने यह भी कहा कि बैठक में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023 के रोडमैप के साथ-साथ खिलाड़ियों की उपलब्धता, वर्कलोड मैनेजमेंट पर भी बातचीत हुई। वनडे वर्ल्ड कप इस साल के अंत में भारत में ही खेला जाएगा। बैठक में बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी, सचिव जय शाह, कप्तान रोहित शर्मा, मुख्य कोच राहुल द्रविड़, एनसीए चीफ वीवीएस लक्ष्मण और चेतन शर्मा शामिल हुए।

Whether it's Sydney or Perth…': Noted ex-cricketers pick India's XI for T20  WC | Cricket - Hindustan Times

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रविवार को टी20 वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन और आगे के रोडमैप को तैयार करने को लेकर समीक्षा बैठक की। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इनमें से ज्यादातर फैसले खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर लिए गए हैं। अब यो-यो टेस्ट और डेक्सा में पास होना खिलाड़ियों के राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए जरूरी कर दिया गया है।

यो-यो टेस्ट में कोरोना के दौरान खिलाड़ियों के मेंटल हेल्थ को देखते हुए थोड़ी नरमी बरती गई थी। हालांकि, अब फिर से यो-यो टेस्ट को जरूरी कर दिया गया है। साथ ही डेक्सा जिसे ड्यूअल एनर्जी एक्स-रे एब्जॉर्पटियोमेट्री कहते हैं, लागू किया गया है। आइए इन दोनों के बारे में जानते हैं…

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