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ट्यूब डे 2023 में कोई पतलून नहीं: ट्रेन में कभी न कभी आपने भी सफर किया होगा। ट्रेन में विभिन्न संस्कृति और बोली बोलने वाले लोग मिलते हैं। अलग-अलग तरह के कपड़े पहनने वाले लोग भी ट्रेन में देखने को मिल जाते हैं। लेकिन एक ऐसी घटना सामने आई है, जहां महिलाएं बिना पैंट पहने ही पगडंडी पर चढ़ गईं। हो सकता है आपको पढ़कर हरीनी हो। लेकिन यह सच है।
दरअसल मामला लंदन का है। यहां रविवार को ट्यूब और सबवे का अलग ही नजारा देखने को मिला। भारी संख्या में महिलाएं और पुरुष ट्यूब बिना पैंट पहने नजर आए। लंदन में अंडरग्राउंड मेट्रो को ट्यूब कहा जाता है। लोगों ने जूते और बाकी कपड़े पहन रखे थे लेकिन पैंट नहीं। ये लोग नो ट्रैजर्स डे मना कर रहे थे। ये लगातार 12वां साल था, जब ट्यूब्स में नो ट्रैजर्स इवेंट मनाया गया। लंदन में ये कार्यक्रम स्टिफ अपर लिप सोसाइटी ने आयोजित किया था। इसकी शुरुआत 2002 में न्यूयॉर्क में हुई थी। इसके बाद दुनिया के बाकी हिस्सों में भी इसे सेलिब्रेट किया जाने लगा।
क्यों आयोजित किया गया
हैरानी की बात है कि इस घटना का कोई खास मकसद नहीं था। ये सिर्फ मौज-मस्ती के लिए किया गया था। इसमें ट्रेन में सफर करते हुए घबराहट ट्रेजर यानी पैंट नहीं होती। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें हिस्सा लेने वालों को ऐसा दिखता है, जैसे वे अपनी पैंट घर भूल गए हों। सोशल मीडिया पर इस इवेंट को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक व्यक्ति ने लिखा- मुझे बर्लिन की याद आ गई। वहां पहली बार मुझे ऐसा नजारा दिखा था। हड्डियों जाम देने वाली ठंड में लोग सिर्फ कनेक्शन पहने हुए थे।
सोशल मीडिया पर दिखीं तस्वीरें
सोशल मीडिया पर ‘नो ट्राउजर्स डे’ की तस्वीरें नजर आ रही हैं। कमेंट करने वालों की तो बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने लिखा कि कोरोना काल में लोग कनेक्शन और हाफपैंट पहनने वाले जूम कॉल्स में शामिल थे। मुझे इल्म नहीं था कि ऐसा भी कुछ होगा। वहीं एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा कि नो ट्रैउजर डे जैसा भी कुछ होता है ये आज आसानी से चल रहा है।
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