Home World Johatsu: इस देश में ‘भाप की तरह गायब’ हो रहे लोग, राज की ये बात हैरान कर देगी!

Johatsu: इस देश में ‘भाप की तरह गायब’ हो रहे लोग, राज की ये बात हैरान कर देगी!

0
Johatsu: इस देश में ‘भाप की तरह गायब’ हो रहे लोग, राज की ये बात हैरान कर देगी!

[ad_1]

Japan Johatsu Tradition: भारत में लोग जीवन से परेशान होने पर अक्सर हिमालय यानी ऐसी जगह जाने की बात कहते हैं जहां उन्हें कोई न जानता हो ताकि वो वहां धारणा ने जीवन जी सक्षम हो। लेकिन आपको क्या पता है कि एक देश ऐसा भी है जो भारत की इस थीम को दशकों से फॉलो कर रहा है। इस देश का नाम जापान है। जहां घर छोड़कर जाने वाले लोगों को जोहात्सु कहा जाता है।

जोहात्सु के मायने

जापानी भाषा में जोहात्सु का मतलब होता है, भाप बनकर उड़ जाना। यहां लोग परिवार या नौकरी से तंग आकर अचानक गिरते हो जाते हैं। हालांकि ये लोग अपनी जिंदगी खत्म नहीं करते यानी वो अपने जीवन को नुकसान पहुंचाते हैं एक नई जिंदगी की शुरुआत करते हैं। इस काम के लिए अब कुछ निजी कंपनियां जुड़ती हैं जो एक निर्धारित लाइसेंस लेकर लोगों को भाप की तरह गायब होने में मदद करती हैं।

वो लोग जो नहीं देते

तो साफ है कि जोहात्सु यानी वो लोग जो रोज की तरह घर से नौकरी या अपनी दुकान के लिए निकले और फिर वापस नहीं लौटें। लापता होने वाले लोगों को जोहात्सु कहते हैं। ज्यादातर मामलों में ऐसा देखने को मिला है, जब परिवार वालों की काफी तलाश पर भी कोई मार्कर नहीं मिल पाता है। लोगों के अचानक लापता होने के कारण परिवार के लोग, नौकरी का तनाव या फिर भारी कर्ज हो जाता है। ऐसी खबर में लोग गायब होने का फैसला कर लेते हैं।

‘वजह हमेशा निगेटिव नहीं’

इस काम को प्रोफेशन बनाने वाले लोगों का कहना है कि गुम होने की वजह हमेशा नेगेटिव नहीं होती। कई बार लोग नई नौकरी शुरू करने या नई शादी करने के लिए भी ऐसा करते हैं। एक जापानी वेबसाइट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जोहात्सु पर कई दशक तक जांच करने वाले समाजशास्त्री हिरोकी नाकामोरिक का कहना है कि इस शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले लापता होने वाले लोगों के लिए 1960 के दशक में किया गया था।

ये कोड क्यों हिट हुआ है?

जापानी जानकार कहते हैं कि उनके देश में तलाक के मामलों में कमी की वजह भी जोहात्सु है, क्योंकि बहुत से लोग यहां तलाक लेने की कानूनी अधिकारिताएं पूरी करने की जगह जोहात्सु होना ज्यादा बेहतर समझते हैं। इस कॉन्सेप्ट की संभावना होने की एक वजह ये भी है कि जापान में प्राइवेसी को लेकर बेहद सख्त कानून हैं। यबां पुलिस लापता व्यक्ति को तब तक नहीं ढूंढती, जब तक कि वह किसी अपराध या दुर्घटना में फंसने की आशंका न हो। ऐसे में लापता व्यक्ति का एटीएम से पैसा निकाल सकता है। अपनी जिंदगी के अधूरे सारे काम कर सकता है। हालांकि जब कानून मदद नहीं करता है तो लापता व्यक्ति के परिवार के निजी जासूस मदद लेते हैं। इसलिए यहां निजी समर्पण दस्तावेजों की संख्या आस-पड़ोस के देशों से भी अधिक है।

लेखों की पहली पसंद Zeenews.com/hindi – अब किसी और की पहचान नहीं

.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here