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भारत जोड़ो यात्रा।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को श्री फतेहगढ़ साहिब में शीश नवा कर पंजाब में भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग देश को बांट रहे हैं। एक धर्म को दूसरे धर्म के खिलाफ, एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ और एक भाषा को दूसरी भाषा के खिलाफ खड़ा कर देश का माहौल खराब कर दिया गया है।
देश में नफरत और हिंसा का माहौल बनाया गया है। उन्होंने कहा, देश को एक और रास्ता दिखाने की जरूरत है जो प्यार, एकता और भाईचारे का है, इसलिए यह यात्रा शुरू की है। सरहिंद में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत भाईचारे, एकता और सम्मान के लिए खड़ा है और यही कारण है कि उनकी भारत जोड़ो यात्रा सफल रही है।
मीडिया को अपना मित्र बताते हुए, गांधी ने कहा कि चौथा स्तंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा चौबीसों घंटे दिखा रहा है और बेरोजगारी व मुद्रास्फीति जैसे मुद्दों को नहीं उठा रहा है। पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि यात्रा कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यात्रा को पंजाब में भारी समर्थन मिल रहा है। इस दौरान विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उदयभान, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी समेत अनेक नेता शामिल थे।
पंजाब का किसान हमसे ज्यादा पैदल चलता है
राहुल ने कहा कि पंजाब का किसान हमसे ज्यादा पैदल चलता है, वह अपने खेत में पैदल जाता है, मंडी पैदल जाता है, बीज खरीदने पैदल जाता है। इस यात्रा में किसानों, दुकानदारों, बेरोजगारों, माताओं और बहनों से बात हुई, जिनके ज्ञान से मुझे बहुत कुछ सीखने और समझने को मिला। हमारी इस यात्रा में हम लंबे भाषण नहीं देते यह सुनने की यात्रा है। इसमें हम रोज सुबह छह बजे उठते हैं, 25 किमी चलते हैं। देश में सबसे बड़े मुद्दे नफरत, हिंसा, बेरोजगारी और महंगाई हैं, यात्रा इन मुद्दों को उठाने और उनके खिलाफ लड़ने की कोशिश कर रही है।
बूंदाबांदी के बीच 25 किमी चले
पंजाब में यात्रा के पहले दिन राहुल गांधी कुल 25 किमी पैदल चले। यात्रा की शुरुआत से पहले उन्होंने गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेका। बाद में वह रौजा शरीफ दरगाह भी गए, जहां उन्होंने चादर चढ़ाई। इस दौरान बीच में कई जगह बूंदाबांदी भी हुई लेकिन उनका काफिला नहीं रुका। यात्रा के दौरान उन्होंने लाल रंग की पगड़ी पहनी थी। कड़ाके की सर्दी के बीच उन्होंने आधी बाजू की टी-शर्ट पहनी थी जबकि उनके साथ चल रहे नेता जैकेट व मफलर में थे।
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