[ad_1]
दक्षिण कोरिया में तख्तापलट की साजिश रच रहे किम जोंग उन: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया में तख्तापलट के लिए जो साजिश रची थी, उसकी परत दर परत खुल गई। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग उन के 50000 सीक्रेट एजेंट अलग-अलग जगहों से दक्षिण कोरिया की पहचान खोखली कर रहे हैं।
डबल क्रास कथानक
कोरियन इंस्टीट्यूट ऑफ लिबरल डेमोक्रेसी के एक शोधकर्ता किम के मुताबिक इन 50 हजार खुफिया सैनिकों में से बहुत से शरणार्थी दक्षिण कोरिया की सीमा में पहुंच गए थे। इस एजेंसी के अनुसार तानाशाह किम ने पड़ोसी देश की सरकार छोड़ी और वहां अपना नुमाइंदा बिठाने के लिए जो प्लान बनाया उसका नाम डबल क्रॉस कान्सपिरेसी रखा गया। इस चमकीले में उत्तर कोरिया के कुछ खास लोगों को शक प्रताड़ित करके अपना टाइपोग्राफी बनाकर दक्षिण कोरिया की सीमा पार किया जाता है।
किम की खुफिया एजेंसियां कैसे काम करती हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक किम के जासूस खुद को शरणार्थी या पीड़ित कार्ड खेलकर या खुद को किम का विरोधी बताते हैं पड़ोसी देश में एंट्री कर लेते हैं। इनमें से कुछ चोरी पकड़ी जाती है तो उन्हें जेल भेज दिया जाता है और जो अपनी पहचान छुपा लेते हैं वो जिन थाली में जाने के कई खुले आम छेद करते हैं। जेल में बंद किम के प्रशिक्षित एजेंट सजा के अंदर से दूसरे देश की कानूनी व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इनमें से कुछ तो जेल से ही अपना एक्सटॉर्शन रैकेट रन हैं।
किम का मकसद दुनिया के सामने आया
कोरियन इंस्टीट्यूट ऑफ लिबरल डेमोक्रेसी के मुताबिक इतने बड़े तादात में उत्तर कोरिया के लोगों का दक्षिण कोरिया की जेलों में होना किम का सीक्रेट प्लान है। किम के मनसूबों की बात करें तो उत्तर कोरिया जब पड़ोसी देश पर बड़ा हमला करेगा तो खास संकेत मिलने ही जेलों में बंद ये कैदी जेलों में बगावत करके विद्रोह कर देंगे।
ट्रेनिंग आए किम के जासूस
दक्षिण कोरिया ने खुद ऐसे जासूसों के करतूतों के तार के सिलसिले को किम की तख्तापलट के कथानक की थ्योरी की पुष्टि की है। सियोल की खुफिया पुलिस ने जेल के अंदर और बाहर मौजूद ऐसे एजेंटों के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए किम जोंग उन के नापाक मंसूबों का खुलासा किया है।
किम के सीक्रेट स्पीच को पुख्ता जासूसी प्रशिक्षण और खुफिया उपकरण के साथ भेजा गया है। जो वहां की खुफियां को देखने का मौका देते हैं अपना देश भेज देते हैं।
भारत की पहली पसंद Zeenews.com/hindi – अब किसी और की पहचान नहीं
.
[ad_2]
Source link