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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शुक्रवार (17 फरवरी) को शुरू हुआ। यह मैच भारत के अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का 100वां टेस्ट है। टीम इंडिया ने पुजारा के इस दिन को खास बना दिया। कप्तान रोहित शर्मा ने पुजारा को गार्ड ऑफ ऑनर देने का फैसला किया। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने उनके लिए तालियां बजाईं।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पुजारा का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें टीम इंडिया के खिलाड़ी उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दे रहे हैं। उसके बाद पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने उन्हें सम्मानित भी किया। इस दौरान चेतेश्वर के पिता अरविंद पुजारा और पत्नी पूजा वहां मौजूद थीं। टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी पुजारा के पीछे खड़े थे।
A guard of honour and a warm welcome for @cheteshwar1 on his 1⃣0⃣0⃣th Test 😃👌#TeamIndia | #INDvAUS | @mastercardindia pic.twitter.com/jZoY1mjctu
— BCCI (@BCCI) February 17, 2023
पुजारा को मिला स्पेशल कैप
गावस्कर ने 100वें टेस्ट को लेकर उन्हें एक स्पेशल कैप सौंपी। इस दौरान उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि पुजारा 100वें टेस्ट में शतक लगाएंगे। वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाले पहले भारतीय बन सकते हैं।” पुजारा 100 टेस्ट मैच खेलने वाले भारत के 13वें खिलाड़ी बन गए। उनसे ज्यादा टेस्ट सचिन तेंदुलकर (200), राहुल द्रविड़ (163), वीवीएस लक्ष्मण (134), अनिल कुंबले (132), कपिल देव (131), सुनील गावस्कर (125), दिलीप वेंगसकर (116), सौरव गांगुली (113), विराट कोहली (106), इशांत शर्मा (105), हरभजन सिंह (103) और वीरेंद्र सहवाग (103) ने खेले हैं।
गावस्कर ने की पुजारा की तारीफ
पुजारा ने 100वां टेस्ट खेलकर पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को पीछे छोड़ दिया। अजहर ने 99 टेस्ट खेले थे। पुजारा को सम्मानित करने के बाद गावस्कर ने कहा, “100वें टेस्ट क्लब में आपका स्वागत है। मैं कामना करता हूं कि आप अपने 100वें टेस्ट में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बनें और दिल्ली में एक और जीत की नींव रखें।” पूर्व कप्तान ने भारत के लिए अपने शरीर को दांव पर लगाने के लिए पुजारा की सराहना की। उन्हें युवाओं का आदर्श बताया। 35 वर्षीय पुजारा ने 2010 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। उनके नाम इस प्रारूप में सात हजार से ज्यादा और 19 शतक हैं।
चेतेश्वर पुजारा ने क्या कहा?
सम्मानित होने के बाद पुजारा ने कहा, ”आप (गावस्कर) जैसे दिग्गजों ने मुझे प्रेरित किया है। एक युवा क्रिकेटर के रूप में मैंने हमेशा भारत के लिए खेलने का सपना देखा था, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं भारत के लिए 100 टेस्ट मैच खेलूंगा। मेरा मानना है कि टेस्ट क्रिकेट खेल का सबसे बेहतर प्रारूप है। इसमें आपकी क्षमता की परीक्षा होती है। जीवन और टेस्ट क्रिकेट के बीच बहुत सारी समानताएं हैं।”
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