[ad_1]

एलएसी सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : ANI
विस्तार
चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास एक नई रेल लाइन बिछाने की तैयारी में है, जो भारत के लिए चिंता खड़ी कर सकता है यह प्रस्तावित रेल लाइन एलएसी और विवादित अक्साई चिन क्षेत्र से होकर गुजरेगी। तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर) सरकार की ओर से जारी की गई एक नई रेलवे योजना में यह खुलासा हुआ है।
रेलवे टेक्नोलॉजी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, तिब्बत की ‘मध्यम से लंबी अवधि की रेलवे योजना’ 2025 तक टीएआर रेल नेटवर्क को मौजूदा 1,400 किमी से बढ़ाकर 4,000 किमी करने में मदद करेगी। इस रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट भारत और नेपाल से लगी चीन की सीमाओं तक नए मार्गों को कवर करेगा।
यह नई रेल लाइन तिब्बत के शिगात्से से शुरू होकर उत्तर-पश्चिम में नेपाल सीमा के पास से गुजरेगी। इसके बाद यह अक्साई चिन के उत्तर से होते झिंजियांग के होतान में समाप्त होगी। बता दें कि एलएसी के पास चीन की गतिविधि भारत और तिब्बत दोनों के लिए चिंता का सबब बन सकता है। इससे पहले भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने 12 जनवरी को कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सैनिकों की संख्या में ‘मामूली वृद्धि’ हुई है।
पैंगोंग झील के पास से होकर गुजरेगा ट्रैक
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि यह प्रस्तावित रेल लाइन वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास चीन के कब्जे वाले रुतोग और पैंगोंग झील के पास से होकर भी गुजरेगी। इसमें शिगात्से से पखुक्त्सो तक का पहला सेक्शन 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि होतान में समाप्त होने वाला बाकी हिस्सा 2035 तक पूरा हो सकता है।
[ad_2]
Source link