Home Breaking News Joshimath: बदरीनाथ हाईवे पर बढ़ रहा भू-धंसाव…दरारों के बाद अब पड़ा 10 फीट गहरा गड्ढा, देखकर हैरत में आए लोग

Joshimath: बदरीनाथ हाईवे पर बढ़ रहा भू-धंसाव…दरारों के बाद अब पड़ा 10 फीट गहरा गड्ढा, देखकर हैरत में आए लोग

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Joshimath: बदरीनाथ हाईवे पर बढ़ रहा भू-धंसाव…दरारों के बाद अब पड़ा 10 फीट गहरा गड्ढा, देखकर हैरत में आए लोग

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भू-धंसाव से बदरीनाथ हाईवे बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। सोमवार को सुबह अचानक रेलवे गेस्ट हाउस के समीप हाईवे पर करीब दस फीट गहरा गड्ढा हो गया जिससे लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर सीमा सड़क संगठन ने मजदूरों की मदद से गड्ढे को भर दिया।

गड्ढा इतना गहरा था कि उसे भरने में करीब आधा ट्रक पत्थर लगे और सीमेंट, कंक्रीट भी लगा। इसके बाद तहसीलदार ने हाईवे का निरीक्षण किया। बता दें कि हाईवे पर इससे पहले मारवाड़ी होटल के समीप गड्ढा हो गया था।

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बदरीनाथ हाईवे पर दरारें आने के साथ ही गड्ढे होने शुरू हो गए हैं। सोमवार को सुबह कुछ लोगों ने रेलवे गेस्ट हाउस के समीप हाईवे पर बड़ा गड्ढा देखा। सूचना पर सीमा सड़क संगठन मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचा और शीघ्र गड्ढे को भरने का काम शुरू किया।



बीआरओ की कमान अधिकारी मेजर आइना ने बताया कि गड्ढा सूखा था। यहां आधा ट्रक पत्थर का भरान किया गया है। साथ ही सीमेंट और कंक्रीट से सुधारीकरण कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि हाईवे पर जहां-जहां भू-धंसाव हो रहा है, वहां सुधारीकरण कार्य किया जा रहा है।


इसके बाद तहसीलदार रवि शाह ने तहसील टीम के साथ जोशीमठ से मारवाड़ी तक बदरीनाथ हाईवे का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान जगह-जगह पड़ीं दरारों को देखा। तहसीलदार ने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों को चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले हाईवे को चाक-चौबंद करने के लिए कहा। तहसीलदार रवि शाह ने बताया कि हाईवे पर कई जगहों पर भू-धंसाव हो रहा है। हाईवे के निरीक्षण की रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है। 


वहीं, भू-धंसाव से सबसे अधिक प्रभावित सिंहधार वार्ड में अब भी मकान धंस रहे हैं। यहां कई मकानों की छत, आंगन और कमरे धंस गए हैं जबकि पूर्व में एक मंदिर भी भू-धंसाव से क्षतिग्रस्त हो गया था। सिंहधार वार्ड के प्रभावित क्षेत्र में चार आवासीय भवन डेंजर जोन में हैं। इन मकानों की छत और आंगन धंस गए हैं। बाथरूम और कीचन भी तिरछे हो गए हैं।


आपदा प्रभावित हरीश लाल, बलमती देवी और कन्हैया लाल ने बताया कि क्षेत्र में लगातार भू-धंसाव हो रहा है। हमारे मकान आंखों के सामने ही टूट रहे हैं। कहा कि रात काे राहत शिविरों में रहने के बाद दिन में एक बार अपने घरों को देखने पहुंच रहे हैं। कई मकानों की छत टूट गई है तो कई के आंगन धंस गए हैं। सरकार की ओर से पुनर्वास के संबंध में कोई निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है।


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