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रतलाम रहेगा दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के मध्य में।
– फोटो : SOCIAL MEDIA
विस्तार
विश्व के सबसे बड़े दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के शुरू होने के बाद मध्य प्रदेश के रतलाम शहर की अहमियत बढ़ जाएगी। 1355 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस वे का रतलाम सेंटर रहेगा। रतलाम से दोनों शहरों की दूरी समान रहेगी। दिल्ली और मुंबई यहां से छह-छह घंटे में पहुंच सकेंगे। सेंटर में होने के कारण रतलाम को भी फायदा होगा।
रतलाम में अभी से कुछ बड़ी रियल इस्टेट कंपनियों ने निवेश शुरू कर दिया है। रतलाम के समीप एक निवेश क्षेत्र भी तैयार हो रहा है। एक्सप्रेस वे का सेंटर होने के कारण यहां कई उद्योग तेजी से पनप सकेंगे।
मुंबई से रतलाम की दूरी होगी 611 किलोमीटर
1355 किलोमीटर के एक्सप्रेस वे की महाराष्ट्र में 171 किलोमीटर लंबाई रहेगी। महाराष्ट्र से गुजरात के दाहोद तक इसकी लंबाई 325 किलोमीटर होगी और दाहोद से रतलाम की लंबाई 115 किलोमीटर होगी। यानि रतलाम से मुंबई तक जाने के लिए सिर्फ 611 किलोमीटर का सफर करना होगा, जबकि दिल्ली तक जाने के लिए करीब 680 किलोमीटर का सफर रहेगा। यह दूरी एक्सप्रेस वे पर छह घंटों में पूरी की जा सकेगी।
रतलाम व झाबुआ में निर्माण कार्य पूरा
एक्सप्रेस वे का रतलाम व झाबुआ जिले में निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। एक्सप्रेस वे का 244 किलोमीटर लंबा हिस्सा झाबुआ, रतलाम व मंदसौर जिले में है। रतलाम जिले में 90, झाबुआ जिले में 50.95 व मंदसौर में 102 किमी लंबा एक्सप्रेस वे गुजरेगा।
12 से 13 घंटे में पूरा होगा 22 घंटे का सफर
एक्सप्रेस-वे बनने के बाद मुंबई से दिल्ली का सफर 12 से 13 घंटे में पूरा हो जाएगा। फिलहाल 22 घंटे लग जाते हैं। रतलाम से मुंबई या दिल्ली जाने के लिए छह से सात घंटे का समय लगेगा। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से वाहन इस एक्सप्रेस वे पर चलेंगे। दोपहिया वाहनों को इस पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। रतलाम जिले में सभी एंट्री प्वाइंट पर टोल नाके बनकर तैयार हो गए हैं।
रतलाम का महत्व बढ़ेगा, प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ीं
रतलाम के विधायक चेतन्य कश्यप का कहना है कि भौगोलिक दृष्टि से रतलाम हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। यहां रेलवे का बड़ा जंक्शन है और देश के चारों तरफ की गाड़ियां यहां से मिल जाती हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे का सेंटर भी रतलाम है। एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद रतलाम शहर का विस्तार तेजी हो सकता है। रतलाम निवासी नीरज शुक्ला बताते हैं कि बीते चार सालों से रतलाम में प्राॅपर्टी की कीमतों में वृदि्ध हो गई है। पहले दो हजार रुपये प्रति वर्गफीट तक यहां नई काॅलोनियों में प्लाॅट मिल जाते थे, लेकिन अब रेट साढ़े तीन हजार रुपये तक हो गए हैं। इंदौर की एक बड़ी रियल एस्टेट कंपनी ने यहां टाउनशिप विकसित की है।
एक्सप्रेस वे पर नहीं है टोल गेट
एक्सप्रेस वे की विशेषता यह है कि एक्सप्रेस वे पर कहीं भी टोल गेट नहीं लगे हैं। सफर के दौरान यात्रियों को बार-बार टोल के लिए रुकना नहीं होगा। हाईवे पर चढ़ने और उतरने की जगह पर इंटरचेंज टोल लगाए गए हैं। हर 50 किलोमीटर पर एंट्री और एग्जिट के लिए गेट हैं, जहां टोल टैक्स ऑटोमैटिकल कट जाएगा। एक्सप्रेस वे पर 120 की स्पीड से वाहन चल सकेंगे।
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