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ममता बनर्जी।
– फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारियों और सरकार के बीच महंगाई भत्ते को लेकर चल रही खींचतान के बीच ममता सरकार ने शुक्रवार को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत कर्मचारियों, पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को मूल वेतन के छह प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता (डीए) देने की अधिसूचना जारी की। डीए में छह प्रतिशत की बढ़ोतरी दिसंबर 2020 में घोषित तीन प्रतिशत वृद्धि (1 जनवरी, 2021 के कार्यान्वयन के लिए) और हाल ही में बजट सत्र के दौरान घोषित तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी को मिलाकर की गई है।
अधिसूचना में कहा गया है कि डीए की गणना संशोधित मूल वेतन और गैर-अभ्यास भत्ता यदि कोई हो, को ध्यान में रखकर की जाएगी, लेकिन इसमें किसी अन्य प्रकार का वेतन शामिल नहीं होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि डीए सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय निकायों के कर्मचारियों के लिए भी स्वीकार्य होगा। प्रत्येक व्यक्तिगत मामले में देय संशोधित पेंशन और पारिवारिक पेंशन पर महंगाई राहत की मात्रा की गणना करना पेंशन वितरण प्राधिकारी की जिम्मेदारी होगी।
राज्य सरकार के एक कर्मचारी ने कहा कि इस वृद्धि के बाद भी वे केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को दिए जाने वाले डीए से 32 प्रतिशत कम रहेंगे। राज्य सरकार के कर्मचारियों के कई संगठन केंद्र के साथ डीए समानता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
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