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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया
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इस बार फरवरी के महीने में ही कार्यालयों में पंखे-एसी चलने लगे हैं। वजह, तेजी से बढ़ती गर्मी और परिणाम, बिजली की बढ़ती मांग। आने वाले महीनों में बिजली की सर्वाधिक खपत के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं। जनवरी 2023 में ही मांग 210.61 गीगावाट दर्ज हो चुकी है, यह जनवरी 2022 के 192.18 गीगावाट से करीब 13 प्रतिशत अधिक है। जनवरी 2021 में सर्वाधिक मांग 189.39 गीगावाट थी।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार 20 फरवरी को उच्च मांग 205.52 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। सबसे अहम, 10 जून 2022 को 211 गीगावाट बिजली की मांग का रिकॉर्ड बना था। इस बार जनवरी में ही उच्च मांग इसके बेहद करीब दर्ज हो चुकी है। अब तक बिजली की बढ़ती मांग को देश में आर्थिक व उत्पादन गतिविधियों में मजबूत सुधार से जोड़ा जा रहा था।
इस बार जनवरी में 12,616 करोड़ यूनिट बिजली की खपत हुई, जबकि जनवरी 2022 में यह 11,180 करोड़ यूनिट और जनवरी 2021 में खपत 10,976 करोड़ यूनिट थी। दिसंबर 2022 में भी अधिकतम मांग दिसंबर 2021 के मुकाबले 12 प्रतिशत अधिक थी।
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