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हाइलाइट्स
सौरव गांगुुली ने भारतीय पेसर की तारीफ में गढ़े कसीदे
आशीष नेहरा ने इंग्लैंड के खिलाफ 6 विकेट चटकाए थे
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा (Ashish Nehra) के जूझारूपन से हम सभी अच्छी तरह वाकिफ हैं. ये वही नेहरा हैं जिन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने पर कप्तान से जवाब मांगते थे कि आखिरी उन्हें मैच से बाहर क्यों रखा गया. लेफ्ट हैंड पूर्व पेसर नेहरा टीम की जीत के लिए अपने करियर को भी दांव पर लगाने से नहीं हिचकिचाते थे चाहे उन्हें कितनी ही बड़ी चोट क्यों ना लगी हो. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने 5 साल पहले नेहरा के बारे में एक किस्सा शेयर किया था जिसमें उन्होंने बताया था कि किस तरह यह भारतीय पेसर उनसे सवाल किया करता था.
सौरव गांगुली ने गौरव कपूर के शो ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस (Breakfast with Champions) में आशीष नेहरा की जमकर तारीफ की थी. गांगुली ने साल 2003 के वर्ल्ड कप को याद करते हुए नेहरा के बारे में उस वाकये का जिक्र किया था जब टखने में सूजन के बावजूद दिल्ली के इस तेज गेंदबाज ने अगले मैच में दादा को खिलाने के लिए मजबूर कर दिया था.
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जब गांगुली ने नेहरा से पूछा- तू खेलेगा?
सौरव गांगुली ने शो में बताया, ‘ आशू (आशीष नेहरा) में सबसे बड़ी चीज उसकी दबावमुक्त क्षमता थी. साल 2003 के विश्व कप में वह नामीबिया के खिलाफ मुकाबले में स्पाइक फिसलने से गिर गया. अगले दिन उसका टखना सूजा हुआ था. इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले से पहले जब मैंने उससे पूछा कि टखना तो काफी सूजा हुआ है क्या करेगा? उसने बोला कोई बात नहीं. फिर मैंने कहा कि टखना इतना सूजा हुआ है और तू कह रहा कोई बात नहीं. इसका क्या मतलब तू खेलेगा या नहीं खेलेगा? इसपर उसने कहा मैं खेलूंगा. फिर मैंने कहा कि खेलेगा तो ठीक है लेकिन गेंदबाजी किसकी पेस पर करेगा मेरे पेस पर या खुद की पेस पर. फिर उसने बोला कि तुम चिंता ना करो. सिर्फ फिजियो को बोल दो की वह मेरे साथ रहे. फिर मैंने फिजियो को बोला कि भई तू इसके साथ रह, जैसा भी हो इसको खिलाना है. फिर इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में आते ही 150 की रफ्तार से गेंद फेंकी. इसलिए उसके प्रति मेरे मन में काफी इज्जत थी.’
नेहरा जैसे खिलाड़ी मुझे अच्छे लगते थे’
आशीष नेहरा ने इंग्लैंड के खिलाफ उस मैच में 23 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे. उस मुकाबले में नेहरा उल्टियां कर रहे थे. उनकी तबीयत खराब हो गई थी. केला खिलाकर उन्हें एनर्जी दिया जा रहा था. गांगुली ने कहा, ‘ जब भी मैं उसे प्लेइंग इलेवन से बाहर रखता था तो मैं मैच से आकर रूम सर्विस को फोन कर दो चाय मंगाता था. क्योंकि मुझे पता होता था कि 10 मिनट में आशू आएगा और मुझसे पूछेगा कि मुझे बताओ मैं क्यों नहीं खेला. फिर कहता था कि पहले चाय पी ले, फिर बात करते हैं. फिर कहता था मैं 150 की स्पीड से गेंद डाल रहा हूं. मेरी गेंद स्विंग हो रही है. फिर मैं कहता था कि जाकर तू सो जा, क्योंकि तू अगला मैच खेल रहा है. तब वह जाता था. मुझे इस तरह के प्लेयर अच्छे लगते थे. ‘
सौरव गांगुली ने इस दौरान ये भी कहा कि वह टीम चुनते वक्त ये भी ध्यान में रखते थे कि उन्हें मैच ड्रॉ कराने वाले खिलाड़ी नहीं चाहिए. गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम 2003 वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी जहां उसे ऑस्ट्रेलिया से शिकसत मिली थी.
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Tags: Ashish nehra, Sourav Ganguly, Team india
FIRST PUBLISHED : March 06, 2023, 16:36 IST
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