Home Sports टीम इंडिया का गेंदबाज भूल गया था बॉलिंग, मार पड़ी तो आया होश, बन गया फ‍िर से स्विंग का सुल्‍तान

टीम इंडिया का गेंदबाज भूल गया था बॉलिंग, मार पड़ी तो आया होश, बन गया फ‍िर से स्विंग का सुल्‍तान

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टीम इंडिया का गेंदबाज भूल गया था बॉलिंग, मार पड़ी तो आया होश, बन गया फ‍िर से स्विंग का सुल्‍तान

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हाइलाइट्स

भुवनेश्‍वर कुमार को एक वक्‍त में विकेट मिलना हो गए थे बंद
स्विंग छोड़ पेस की तरफ गए पर वहां भी पड़ी जमकर मार

नई दिल्‍ली. एक खिलाड़ी हमेशा टीम को कुछ न कुछ देना चाहता है, पर करियर के दौरान ऐसा भी होता है जब उसे लगता है कि वह टीम के लिए उपयोगी साबित नहीं हो रहा. उसके खेल की जो खूबियां हैं वह कहीं गुम होती जा रही है. कुछ ऐसा ही हुआ था टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्‍वर कुमार के साथ.

भुवनेश्‍वर ने एक इंटरव्यू में अपने करियर के खराब वक्‍त का जिक्र किया. बकौल भुवी, मैं रणजी खेलकर आया था. स्विंग बॉलिंग करके यूज टू था. पहला एक साल बहुत अच्छा गया. स्विंग के चलते विकेट भी खूब मिले. भुवनेश्‍वर कुमार ने बताया कि मेरी बॉलिंग में पेस बहुत ज्यादा नहीं था तो कुछ समय बाद बैटर एडजस्ट करने लगे और मुझे मार पड़ने लगी.

स्विंग छोड़ पेस के पीछे भागे
भुवनेश्‍वर कुमार के मुताबिक, एक वक्‍त आता है कि जब आपको खुद में बदलाव करने की जरूरत होती है. मुझे भी लगा कि गेंदों की गति बढ़ाना जरूरी है. इस दौरान इंजरी भी हुई. वापसी करने में समय लगा. भुवी ने बताया कि मैदान में लौटने पर एहसास हुआ कि मेरी बॉलिंग में रिदम नहीं है. मैंने ट्रेनिंग चेंज की. इससे मेरी पेस तो बढ़ी पर दूसरी मुसीबत पैदा हो गई. दरअसल, मैं उस पेस से बॉलिंग करने का आदी नहीं था, इसलिए बॉल स्विंग होना बंद हो गई. भुवनेश्‍वर के मुताबिक, इस दौरान बॉडी को भी ज्‍यादा लोड लेना पड़ा, जिससे इंजरी हुई. जब ऑफ टाइम मिला तो मैंने सोचा कि ऐसा क्यों हो रहा है? मैं कैसे कमबैक कर सकता हूं?

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मार खाने के लिए खुद को किया तैयार
भुवनेश्‍वर कुमार के मुताबिक, आप खुद पर भरोसा करते हो पर जब लोगों की बात सुनते हो तो लगता है कि आप कमजोर हो रहे हो. मेरे कानों तक बात आने लगी कि उसने अपना स्विंग खो दिया है और वह अब पेस पर जा रहा है. भुवी ने कहा कि इसी बीच मैं वापस रणजी खेलने गया था. वहां मुझे एहसास हुआ कि मेरी बॉलिंग में स्विंग खत्म नहीं हुआ था. दरअसल, क्रिकेट में बहुत बदलाव हुआ है. विकेट कंडीशन बदली हैं. बैटर भी नए-नए तरीकों से खेलने लगे हैं. भुवी के मुताबिक, मुझे लगा कि स्विंग है पर मैं खुद को इतना मौका नहीं दे रहा हूं कि बॉल मूव हो. इसके बाद ट्रेनिंग से धीरे-धीरे चीजें बेहतर होती गईं. तब मैंने खुद से कहा कि मार पड़ती है तो पड़े, पर बॉल स्विंग कराओ. मेरा फॉर्मूला आखिरकार काम कर ही गया.

Tags: Bhuvneshwar kumar, IPL, Sunrisers Hyderabad, Team india

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