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पंजाब के पठानकोट के थरियाल गांव में रात के वक्त छत पर सो रहे ठेकेदार अशोक कुमार और परिजनों को गंभीर रूप से घायल कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना के फूफा अशोक कुमार और फुफेरे भाई कौशल की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बुआ आशा ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। दूसरे फुफेरे भाई की सास भी इस वारदात में घायल हुई थी।
मामला भारतीय क्रिकेटर से जुड़ा होने की वजह से सुर्खियों में आ गया। उस वक्त पंजाब में अमरेंद्र सिंह की सरकार थी। रैना ने टवीट् कर कांग्रेस सरकार से हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की थी।
वहीं वारदात से कुछ दिन पहले राशिद और उसके साथियों ने ठेकेदार अशोक के मकान की रेकी की थी। गिरोह में शामिल महिलाओं ने उनके यहां फूल बेचे थे। उसके बाद योजनाबद्ध तरीके से वारदात की थी। आईपीएल छोड़कर सुरेश रैना भी अपनी बुआ के गांव थरियाल पहुंचे थे।
चार साल पहले मारा गया था लखटकिया सांडू
चार साल बाद पुलिस ने बड़े इनामी को मुठभेड़ में मार गिराया है। वर्ष 2019 में दरोगा की हत्या कर पुलिस कस्टडी से फरार एक लाख के इनामी रोहित सांडू और उसके साथी 50 हजार के इनामी राकेश यादव पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए थे। यादव अयोध्या जिले के हैदरनगर का रहने वाला था। रोहित सांडू मंसूरपुर थाना क्षेत्र में जौहरा गांव का रहने वाला था।
बता दें कि पेशी से वापस लौटते वक्त जानसठ क्षेत्र के गांव सलारपुर में पुलिस खाना खाने के लिए रुकी थी, जहां सांडू के साथियों ने फायरिंग कर उसे पुलिस कस्टडी से छुड़ा लिया था। हमले में मिर्जापुर जिले के पुलिस कर्मी दुर्ग विजय सिंह की मौत हो गई थी।
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