[ad_1]
सिनेमा एक ऐसा करिश्माई एहसास है जिसमें देखने वाला काल्पनिक कहानियों को सच्ची जैसी बात मानकर उन पर दो या तीन घंटे यकीन करता है और उस काल्पनिक दुनिया में खो जाता है। फिल्मों की शूटिंग की तकनीकी बातें हम अपने लेखों के जरिये समय समय पर बताते भी रहते हैं। इस बार बात अभिनेता अंशुमन झा की बतौर निर्देशक बनी रही फिल्म ‘लॉर्ड कर्जन की हवेली’ की शूटिंग की। इस शूटिंग में अंशुमन ने कैमरे में सिर्फ एक ही लेंस का इस्तेमाल किया है। ऐसा करना मौजूदा दौर में क्यों खास बन गया है, आइए समझने की कोशिश करते हैं।
इसे भी पढ़ें- Bollywood Stars: कमबैक को तैयार हैं लंबे वक्त से गुमनाम ये सितारे, क्या इस बार चला पाएंगे जादू?
अंशुमन झा ने अपनी फिल्म ‘लॉर्ड कर्जन की हवेली’ को सिर्फ एक लेंस से शूट किया है जिसकी फोकल लेंथ 35 एमएम है। यानी कि बिना कैमरा का लेंस बदले पूरी फिल्म की शूटिंग उन्होंने एक ही लेंस से की है। इस तकनीक में क्लोज शॉट के लिए ट्रॉली पर रखे कैमरे को ही जरूरत के हिसाब से आगे पीछे किया जाता है। अल्फ्रेड हिचकॉक की फिल्म ‘साइको’ और अकीरा कुरोसावा की फिल्म ‘रशमोर’ की शूटिंग में इस तकनीक का इस्तेमाल हो चुका है।
फिल्म ‘लॉर्ड कर्जन की हवेली’ एक हॉरर फिल्म है। अंशुमन झा कहते हैं, ‘जब मेरे पास लेंस के विकल्प थे, तो मैंने सिंगल लेंस को चुना, क्योंकि मैं चाहता हूं कि फिल्म न केवल देखी जाए बल्कि आखिरी प्रोडक्ट को महसूस किया जाए। सिंगल लेंस फिल्म में अवचेतन देखने का प्रभाव होता है। फिल्म ‘लॉर्ड कर्जन की हवेली’ मेरे पसंदीदा फिल्म निर्माता अल्फ्रेड हिचकॉक और उनकी क्लासिक फिल्म ‘द रोप’ के लिए एक समकालीन श्रद्धांजलि है।’
अभिनेता से निर्देशक बने अंशुमन झा ने फिल्म ‘लॉर्ड कर्जन की हवेली’ में अभिनय नहीं किया है। इस फिल्म में अर्जुन माथुर, रसिका दुग्गल , परेश पाहूजा, तन्मय धननिया के अलावा हॉलीवुड एक्टर गैरिक हैगन और मार्वल गर्ल जोहा रहमान की मुख्य भूमिकाएं हैं। अंशुमन झा कहते हैं, ‘जब फिल्म के लेखक विशाल मिश्रा ने मुझे कहानी सुनाई तो कहानी सुनते ही मैंने सोच लिया था कि इस फिल्म को 35 एमएम सिंगल लेंस से शूट करना है।’
[ad_2]
Source link