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एनएफएल विकास नगर में रहने वाले दादा मथुरा प्रसाद ने बताया कि मंगलवार को प्रयागराज पुलिस का उनके फोन पर कॉल आया था। पुलिस ने उनसे पोते अरुण मौर्य के बारे में पूछताछ की।
पुलिस ने दादा से पूछे ये सवाल
पुलिस पूछ रही थी कि वह घर से कब चला गया था? उसका मोबाइल फोन कहां पर है? मोबाइल पर वह किससे संपर्क करता था? घर पर किन लोगों का आना-जाना लगा रहता था? कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आया हो। पानीपत में वह कहां काम करता था? कितना वेतन था… आदि तमाम सवाल पुलिस ने उनसे किए। उनका बेटा दीपक, पुत्रवधू केला, पोता अनिकेत और पोती लापता हैं। उन्हें चिंता है कि कहीं उन्हें कुछ न हो जाए।
रिमांड के दौरान पानीपत लेकर आ सकती है एसआईटी
अतीक-अशरफ हत्या के मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने तीनों शूटरों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने सात दिन का रिमांड मांगा, लेकिन उन्हें चार दिन का मिला। कयास लगाए जा रहे हैं कि एसआईटी रिमांड के दौरान शूटर अरुण को पानीपत लेकर आ सकती है। उसके पास रुपये कहां से आए और वह बड़ी किन-किन गैंग के गुर्गों से मिला, इन पर पूछताछ कर सकती है। उसके फोन से भी कई राज खुल सकते हैं।
लोकेशन पानीपत की मिली, आखिर कौन बोल रहा झूठ
परिजनों के अनुसार नौ अप्रैल को अरुण ने पानीपत में अपने चाचा का घर छोड़ दिया था और दोस्त की शादी में दिल्ली जाने की बात कहकर गया था। यूपी पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन निकलवाई तो उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन 13 अप्रैल को पानीपत की मिली। ऐसे में पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। वह दिल्ली गया जरूर था, लेकिन वापस पानीपत आ गया। उसके बाद वह प्रयागराज पहुंचा।
दो केसों में नाबालिग और तीसरे में बालिग की सजा भुगतेगा अरुण
शूटर अरुण मौर्य पर पानीपत में अवैध हथियार और गवाहों के साथ मारपीट करने के दो मुकदमे दर्ज हैं। दोनों जुवेनाइल कोर्ट में चल रहे हैं। अब अतीक और अशरफ हत्याकांड मामले में उसे बालिग की सजा मिलेगी।
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