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कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भी ‘जहरीले सांप’ और ‘विषकन्या’ जैसे बयानों की एंट्री हो चली है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है कि जब राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक-दूसरे के शीर्ष नेतृत्व को लेकर तीखी टिप्पणी की हैं। इन बयानों का नफा-नुकसान भी रहा है। कर्नाटक चुनाव में उक्त बयानों पर दोनों ही दल, यानी कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे पर हमलावर हैं। कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि चुनाव में जनता उन्हें (भाजपा) सबक सिखाएगी तो भाजपा नेता भी ऐसी ही बात कर रहे हैं।
कर्नाटक विधानसभा के चुनाव प्रचार में गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को ‘जहरीला सांप’ कहा था। जैसे ही इस मामले ने तूल पकड़ा, खरगे ने सफाई देते हुए कहा कि यह बात उन्होंने पीएम मोदी के लिए नहीं, बल्कि भाजपा की विचारधारा के लिए कही था। अगले ही दिन कर्नाटक में भाजपा विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने कोप्पल में आयोजित एक जनसभा में कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को ‘विषकन्या’ कह दिया। इसके बाद कांग्रेस पार्टी, भाजपा पर हमलावर हो गई। बता दें कि ऐसे ही बयानों की वजह से गत दिनों कांग्रेस सांसद एवं पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की सांसदी जा चुकी है। उन्हें ‘मोदी सरनेम’ मामले में सूरत की अदालत ने दो साल की सजा सुनाई है। इसके चलते उन्हें लोकसभा सदस्यता से हाथ धोना पड़ा है।
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