[ad_1]
06

युवराज सिंह ने इस इंटरव्यू में आगे कहा था, ”वीरू (वीरेंद्र सहवाग) सीनियर थे, लेकिन वह इंग्लैंड दौरे पर नहीं थे. मैं वनडे टीम का उप-कप्तान था जबकि राहुल (द्रविड़) कप्तान थे. इसलिए, मुझे कप्तान बनना था. जाहिर है यह एक ऐसा फैसला था, जो मेरे खिलाफ गया. लेकिन मुझे इसका कोई पछतावा नहीं है. अगर आज भी वही चीज होती है तो मैं अभी भी अपने टीममैट का ही सपोर्ट करूंगा.” (Yuvraj Singh/Instagram)
[ad_2]
Source link