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‘मोका’ चक्रवात तेजी से आगे की ओर बढ़ रहा
– फोटो : social media
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) लगातार कई दिनों से पश्चिम बंगाल के खराब मौसम को लेकर चेता रहा है। अब बताया जा रहा है कि बंगाल के दक्षिणी पूर्व में लो प्रेशर एरिया बन चुका है। ‘मोका’ नाम का चक्रवात तेजी से आगे की ओर बढ़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल और ओडिशा में पड़ेगा, जहां पर पहले से इसे लेकर अलर्ट जारी है।
मोका चक्रवात के शक्तिशाली होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि इसका असर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी पड़ेगा। इस दौरान भारी बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस चक्रवात का नाम मोका कैसे पड़ा और यह कितना खतरनाक हो सकता है।
कैसे पड़ा ‘मोका’ नाम?
बता दें, इस शक्तिशाली तूफान को ‘मोका’ नाम मिडिल ईस्ट एशिया के एक देश यमन ने दिया है। ‘मोका’ यमन का एक शहर है, जिसे मोखा भी कहते हैं। ये शहर अपने कॉफी व्यापार के लिए जाना जाता है। इसी के नाम पर ‘मोका कॉफी’ का भी नाम पड़ा।
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