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मैसूर का बाघ: मैसूर के 18वीं सदी के शासक टीपू सुल्तान के ऐतिहासिक मूल्यांकन को लेकर दक्षिणपंथी और वामपंथी इतिहासकारों के बीच लगातार बहस होती है। वह एक इतिहास की ऐसी ही एक विशेषता है जो आज की राजनीति में एक बड़ा नाम बने हुए हैं विशेषतौर पर कर्नाटक में उन्हें लेकर राजनीतिक पार्टियां आमने सामने आ गई हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि तमाम तरह की दलीलें, सवालों के बीच टीपू सुल्तान में लोग पानी में डूबे हुए हैं। इसका एक नजारा तब मिला जब टीपू सुल्तान (टीपू सुल्तान) के निजी कक्ष से तलवार ने लंदन में बोनहैम्स के लिए भारतीय वस्तुओं की नीलामी के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।
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