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वीआईपी के महाकाल: मंदिर की अव्यवस्थाओं से महामंडलेश्वर मंदाकिनीदेवी नाराज, जानें प्रशासक को क्यों दिया श्राप

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वीआईपी के महाकाल: मंदिर की अव्यवस्थाओं से महामंडलेश्वर मंदाकिनीदेवी नाराज, जानें प्रशासक को क्यों दिया श्राप

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Mahamandaleshwar Mandakinidevi angry with the chaos of Mahakal temple

निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर मंदाकिनी देवी
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

महाकाल मंदिर में अव्यवस्था से जनता के साथ अब साधू-संत भी परेशान होने लगे हैं। इसी बीच निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर मंदाकिनी देवी का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होने महाकाल मंदिर प्रशासक को दिया ‘श्राप’ दे दिया। उन्होंने कहा है कि ये कहीं के नहीं रहेंगे। बाबा महाकाल की कसम खाती हूं कि जब तक नहीं हटेंगे मंदिर नहीं जाऊंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को दी चेतावनी है। 

उल्लेखनीय है कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सशुल्क दर्शन व्यवस्था के साथ ही मंदिर में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर अमर उजाला समय-समय पर प्रशासन को अवगत कराता रहा है और ऐसे प्रयास करता है कि इन अव्यवस्थाओं को सुधार कर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को सरल और सुलभ दर्शन करवाएं जा सकें, लेकिन श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के जिम्मेदार लगता है मंदिर की व्यवस्थाओं को सुधारना ही नहीं चाहते हैं। यही कारण है कि मंदिर में पहुंचने वाले आम श्रद्धालु तो ठीक अब साधु संत भी मंदिर की अव्यवस्थाओं से आहत हो रहे हैं। 

ये था मामला

निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर मंदाकिनी देवी सोमवार सुबह बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए तीन अन्य साध्वियों के साथ मंदिर पहुंची थीं। उन्होंने महाकाल मंदिर प्रशासक संदीप सोनी को भस्मआरती दर्शन करवाने के लिए इसका शुल्क भी चुकाया था, लेकिन महामंडलेश्वर के पद को जानने के बावजूद भी मंदाकिनी देवी जी को रात्रि के 2 बजे से 4 बजे तक आम भक्तों के बीच रखा गया। यही नहीं भस्म आरती के बाद जब बाबा महाकाल को जल अर्पित करने की बारी आई तो उन्हें जल अर्पण करने से भी रोक दिया गया। इससे  निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर मंदाकिनी देवी नाराज हो गईं। 

उन्होंने मंदिर प्रशासक को यह श्राप दे दिया कि बाबा महाकाल ने कई लोगों की अति का अंत किया है। इसीलिए प्रशासक संदीप सोनी भी यह समझ लें कि अब उनकी अति का अंत होने वाला ह। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर को अपनी जागीरी समझने वाले यह समझ लें कि उनके पहले भी मंदिर में कई ऐसे लोग रहे हैं, जिनके जाने के बाद ढोल बजाए गए और दीपक जलाए गए हैं। आपने यह भी कहा कि जब तक प्रशासक संदीप सोनी नहीं सुधरेंगे और मंदिर से नहीं हटेंगे तब तक मैं बाबा महाकाल के दरबार में अब नहीं आऊंगी।

मंदिर में भगवा को दो इज्जत के साथ प्रवेश

निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर मंदाकिनी देवी ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के नाम पर कई अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। यहां भगवान के दर्शन और जल चढ़ाने के नाम पर खुले रूप से पैसों की उगाही की जाती है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी जी और महामंत्री हरि गिरि से निवेदन है कि इस मामले में कुछ करिए। क्योंकि हिंदू राष्ट्र कहने से कुछ नहीं होगा जब हमारे मंदिरों में ही भगवा का सम्मान नहीं किया जाएगा। आपने कहा की मंदिरों में भले ही कोई बड़ा संत हो या छोटा सभी को समान रूप से प्रवेश मिलना चाहिए। 

मुख्यमंत्री को भी लिया आड़े हाथ

निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर मंदाकिनी देवी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी आपने जिन प्रशासकों को बैठाया है। वह अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं जिससे आपकी बदनामी हो रही है। मंदिर में अवयस्थाएं इतनी हैं कि बाहर के श्रद्धालु यहां गेट के बारे में ही पूछते रहते हैं कि मंदिर में प्रवेश आखिर कहां से होगा। मंदिर में श्रद्धालुओं को इतनी अव्यवस्थाएं झेलना पड़ती हैं कि वह फिर कभी महाकाल मंदिर आना ही नहीं चाहते हैं। आपने यह भी कहा कि भस्मआरती के दौरान में तो आम श्रद्धालुओं के साथ भी बैठ सकती थी लेकिन अखाड़े के पद की भी कोई गरिमा होती है। मैं स्वयं का अपमान झेल सकती हूं, लेकिन यदि कोई मेरी पद की गरिमा जानकर भी मुझे अपमानित करेगा तो मैं यह कभी बर्दाश्त नहीं करूंगी।

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