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Rajnath Singh
– फोटो : सोशल मीडिया
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद तिनुबु (71) के शपथग्रहण समारोह में भारत सरकार की ओर से शामिल हुए। तिनुबु ने हजारों लोगों की उपस्थिति में राष्ट्रपति पद की शपथ ली। उन्होंने मुहम्मद बुहारी की जगह ली है। नाइजीरिया की वाणिज्यिक राजधानी लागोस के गर्वनर रहे तिनुबु को फरवरी में हुए राष्ट्रपति चुनाव में जीत मिली थी। 25 फरवरी को हुए राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे एक मार्च को घोषित किए गए थे।
भारत उन चुनिंदा गैर अफ्रीकी देशों में है, जिन्हें शपथग्रहण समारोह के लिए बुलाया गया था। नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राजनाथ सिंह ने मंत्रीस्तर पर शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जो नाइजीरिया के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों की उच्च प्राथमिकता और ताकत को दर्शाता है।
राजनाथ सिंह तीन दिवसीय दौरे पर रविवार को अबुजा पहुंचे। यह किसी भारतीय रक्षा मंत्री की अफ्रीकी देश नाइजीरिया की पहली यात्रा थी। सिंह के साथ नाइजीरिया गए प्रतिनिधिमंडल में रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिकारियों ने नाइजीरियाई सेना और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ रक्षा जरूरतों की पहचान करने के लिए कई बैठकें कीं। जिसका ठेका भारतीय रक्षा कंपनियों को मिल सकता है। बयान में कहा गया है कि सहयोग बढ़ाने के लिए नाइजीरियाई कंपनियों के साथ बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें आयोजित की गईं।
Wonderful interaction with the Minister for Local Government, Rural Development and Cooperative of Bangladesh, Mr Md Tazul Islam in Abuja. pic.twitter.com/sRONLG8oCU
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) May 29, 2023
राजनाथ ने बांग्लादेश के मंत्री के साथ की बैठक
यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने बांग्लादेश के मंत्री मोहम्मद ताजुल इस्लाम के साथ भी बैठक की, जो शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए अबुजा में थे। सिंह ने बैठक के बाद ट्वीट किया कि बांग्लादेश के ग्रामीण विकास और सहकारिता मंत्री मोहम्मद ताजुल इस्लाम के साथ अबुजा में शानदार बातचीत हुई।
यह बैठक भारत और बांग्लादेश के बीच सौहार्द को दर्शाती है। बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तार देने तथा मजबूत करने के लिए अपनी-अपनी सरकारों की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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