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सुप्रीम कोर्ट।
– फोटो : सोशल मीडिया
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वकीलों की एक संस्था ने सोमवार को शीर्ष अदालत और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए दो साल की कूलिंग ऑफ पीरियड (Cooling Off Period) की घोषणा करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बंबई अधिवक्ता संघ (Bombay Lawyers Association) ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर शीर्ष न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद दो साल तक राज्यपाल जैसे राजनीतिक पदों पर नियुक्ति स्वीकार न करने के संबंध में एक घोषणा करने का अनुरोध किया।
संघ ने दलील दी कि राजनीतिक पद स्वीकार करने से न्यायपालिका की स्वतंत्रता के बारे में जनता की धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बंबई अधिवक्ता संघ ने अपने संस्थापक अध्यक्ष और वकील अहमद मेहदी अब्दी के माध्यम से दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एस अब्दुल नजीर की इस साल 12 फरवरी को आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में नियुक्त करने के कदम को इस याचिका को दायर करने के पीछे की वजह बताया।
याचिका में पूर्व न्यायाधीशों द्वारा सेवानिवृत्ति के बाद राजनीतिक कार्यकारी के प्रस्तावों को स्वीकार करने के कई उदाहरणों का उल्लेख किया गया है। याचिका में कहा गया है, इस अदालत और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों द्वारा सेवानिवृत्ति के बाद ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ के बिना राजनीतिक नियुक्तियों को स्वीकार करने से न्यायपालिका की स्वतंत्रता के बारे में जनता की धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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