[ad_1]

Wrestlers protest
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों का आंदोलन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में केंद्रित होने की संभावना से भाजपा सतर्क हो गई है। पहलवानों के समर्थन में बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर के सौरम में 12 साल बाद सर्वखाप पंचायत बुलाई गई है। इसे लेकर क्षेत्रीय भाजपा नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व को आगाह किया है।
सौरम में अंतिम सर्वखाप पंचायत किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के आग्रह पर साल 2011 में बुलाई गई थी। कृषि कानूनों के खिलाफ हुए बड़े आंदोलन में भी यहां सर्वखाप पंचायत नहीं हुई। यही कारण है, बृहस्पतिवार की पंचायत को खासा महत्व दिया जा रहा है। पश्चिम यूपी के एक नेता ने बताया, उन्होंने और कई दूसरे नेताओं ने पार्टी नेतृत्व को आगाह किया है। सर्वखाप पंचायत के बाद सिंह बनाम पहलवानों के दंगल का केंद्र पश्चिम उत्तर प्रदेश बन सकता है, क्योंकि पहलवानों ने पहली बार हरियाणा को छोड़ कर पश्चिम उत्तर प्रदेश से जुड़े किसान नेता राकेश टिकैत और नरेश टिकैत पर अंतिम फैसला छोड़ दिया है।
बीच का रास्ता निकालने का आग्रह
भाजपा नेता ने बताया कि नेतृत्व से विवाद में बीच का रास्ता निकालने का आग्रह किया गया है। इससे पहले, जाट आरक्षण और कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में पार्टी इस बिरादरी की नाराजगी को हरियाणा तक सीमित करने और कृषि कानूनों की वापसी के बाद डैमेज कंट्रोल करने में सफल रही थी। इन दोनों मामलों से इतर सिंह बनाम पहलवानों का मामला दो जातियों की लड़ाई बन रही है।
[ad_2]
Source link