[ad_1]
केंद्र सरकार की ‘रीढ़’ कही जाने वाली केंद्रीय सचिवालय सेवा ‘सीएसएस’ में बड़े पैमाने पर खाली पड़े सेक्शन अफसर यानी ‘एसओ’ की रिक्तियों को पदोन्नति के जरिए नहीं भरा जा रहा है। पदोन्नति के मोर्चे पर पिछड़ रहे अधिकारियों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। तेज गर्मी में सैंकड़ों सीएसएस अधिकारी, नॉर्थ ब्लॉक के बाहर पहुंचे। उन्होंने अपने हक के लिए आवाज उठाई। 2013 बैच के लगभग 1100 एएसओ, ‘सेक्शन अफसर’ बनने का इंतजार कर रहे हैं। लगभग एक हजार ‘एएसओ’ तो ‘एसओ’ बनने की सभी शर्तें पूरी करते हैं। इसके बावजूद इन अधिकारियों को पदोन्नति से वंचित रखा जा रहा है।
सीएसएस फोरम (केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों की एसोसिएशन) इस मुद्दे पर लगातार आवाज उठा रही है। पदोन्नति का यह मुद्दा संसद में भी उठ चुका है। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा कई केंद्रीय मंत्री और सांसद भी इस संबंध में कार्मिक मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से आग्रह कर चुके हैं। राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला और सुशील कुमार गुप्ता ने भी ‘एएसओ’ को पदोन्नति न दिए जाने का मुद्दा उठाया था। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि पदोन्नति की राह देखते-देखते अनेक अधिकारी तो रिटायर हो गए हैं। इससे पहले भी सीएसएस फोरम को पदोन्नति के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा था। करीब 1500 सीएसएस अधिकारियों ने नॉर्थ ब्लॉक में हल्लाबोल किया था। वे पदोन्नति की मांग को लेकर नॉर्थ ब्लॉक की गैलरी में बैठ गए थे। बाद में उन्हें आश्वस्त किया गया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार होगा।
[ad_2]
Source link