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Chandrayaan-3
– फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में अपने नए भारी लिफ्ट लॉन्च वाहन एलवीएम3 (LVM3) के साथ चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान युक्त एनकैप्सुलेटेड असेंबली को जोड़ा। चंद्रयान-3 चंद्रयान-2 का अनुवर्ती मिशन है, जो चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग और घूमने की संपूर्ण क्षमता प्रदर्शित करता है।
बेंगलुरु मुख्यालय स्थित राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने ट्वीट कर बताया कि आज श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में चंद्रयान-3 युक्त एनकैप्सुलेटेड असेंबली को एलवीएम3 के साथ जोड़ा गया है। इसरो ने कहा है कि चंद्रयान-3 मिशन 13 जुलाई से 19 जुलाई के बीच लॉन्च किया जाएगा। इसरो के एक अधिकारी ने कहा, हम इसे 13 जुलाई को लॉन्च करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
चंद्रयान-3 मिशन में चंद्र रेजोलिथ के थर्मोफिजिकल गुणों, चंद्रमा की भूकंपीयता, चंद्रमा की सतह का प्लाज्मा वातावरण और लैंडिंग स्थल के आसपास के क्षेत्र में मौलिक संरचना का अध्ययन करने के लिए वैज्ञानिक वैज्ञानिक उपकरण लगे हुए हैं। इसरो अधिकारियों के अनुसार, जबकि लैंडर और रोवर पर इन वैज्ञानिक उपकरणों का दायरा “चंद्रमा के विज्ञान” की थीम में फिट होगा। एक अन्य प्रायोगिक उपकरण चंद्रमा की कक्षा से पृथ्वी के स्पेक्ट्रो-पोलरिमेट्रिक का अध्ययन करेगा, जो “चंद्रमा से विज्ञान” की थीम में फिट होगा।
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