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'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- मुद्रा, जिसका अर्थ है- किसी के नाम की छाप, मोहर, रुपया, अशरफी आदि, सिक्का, खड़ा होने, बैठने आदि में शरीर के अंगों की कोई स्थिति। प्रस्तुत है गगन गिल की कविता- अँधेरे में बुद्ध
अँधेरे में बुद्ध
अपनी प्रतिमा से निकलते हैं
अपनी काया से निकलते हैं
अपने स्तूप से निकलते हैं
अस्थि-पुंज से निकलते हैं
अँधेरे में बुद्ध
परिक्रमा करते हैं
माया की
मोक्ष की
पृथ्वी की
काँटे की नोंक पर
ठिठकते हैं
अँधेरे में बुद्ध
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6 hours ago
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