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ED Director Sanjay Mishra: ईडी निदेशक का कार्यकाल गैरकानूनी, क्या उस दौरान लिए गए फैसले भी माने जाएंगे अवैध?

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ED Director Sanjay Mishra: ईडी निदेशक का कार्यकाल गैरकानूनी, क्या उस दौरान लिए गए फैसले भी माने जाएंगे अवैध?

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ED Director Sanjay Mishra decisions taken during that period also be considered illegal?

ED Director Sanjay Mishra
– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार


ईडी निदेशक संजय मिश्रा के हुए तीसरे कार्यकाल के विस्तार को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध ठहरा दिया। संजय मिश्रा को मिला 18 नवंबर 2022 का सेवा विस्तार गैरकानूनी मान लिया गया। इस फैसले के साथ ही संजय मिश्रा के तीसरे कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसले और कार्रवाइयों के समीक्षा की मांग उठने लगी है। सियासी दलों की ओर से कहा यह जा रहा है कि जो फैसले संजय मिश्रा के बतौर निदेशक रहते लिए गए, उनको एक बार फिर से जांचा जाए। हालांकि कानूनी मामलों के जानकारों का कहना है कि ईडी के निदेशक का कार्यकाल भले अवैध घोषित किया गया हो, लेकिन उस दौरान लिए गए फैसले कानूनी तौर पर अवैध नहीं माने जाएंगे। सियासी गलियारों के अलावा संजय मिश्र के कार्यकाल को अवैध ठहराए जाने से नौकरशाही के गलियारे में भी खूब चर्चाएं हो रही हैं।

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कांग्रेस बोली- हो फैसलों का ‘रिव्यू’

बीते कुछ सालों में सबसे ज्यादा जांच एजेंसियों में अगर किसी की चर्चा हुई तो ईडी की ही रही है। बड़े-बड़े राजनीतिक दलों के नेताओं से लेकर बड़े व्यापारियों के पैसों के लेनदेन और हेराफेरी करने के मामलों में ईडी ने मामले दर्ज किए उनको जेल भेजा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता पीएल पुनिया कहते हैं कि जब सुप्रीम कोर्ट ने ईडी जैसी देश की सबसे बड़ी संस्था के मुखिया की नियुक्ति ही अवैध करार दे दी, तो उसकी इस अवैध नियुक्ति वाले कार्यकाल के फैसलों का रिव्यू तो किया ही जाना चाहिए। पीएल पुनिया कहते हैं कि उनकी पार्टी लगातार कहती आई है कि ईडी और सीबीआई जैसी देश की प्रमुख संस्थाएं केंद्र के इशारे पर काम कर रही हैं। अब जब सुप्रीम कोर्ट ने ही ईडी डायरेक्टर के कार्यकाल को ही अवैध घोषित कर दिया तो बतौर निदेशक की मंशा अनुरूप की गई कार्रवाईयों का रिव्यू तो होना चाहिए।






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