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Flood Effects : यमुना काबू में लेकिन दिल्ली के कई इलाकों में पेयजल संकट, बीमारियों की आशंका, मंत्री दौरे पर

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Flood Effects : यमुना काबू में लेकिन दिल्ली के कई इलाकों में पेयजल संकट, बीमारियों की आशंका, मंत्री दौरे पर

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Drinking water crisis in many areas of Delhi, fear of diseases

Delhi Flood: राहत कैंप के दृश्य
– फोटो : Amar Ujala

विस्तार


यमुना में बाढ़ आने के बाद से राजधानी में पेयजल संकट दूर नहीं हुआ है। नई दिल्ली समेत उत्तरी व मध्य दिल्ली के कई इलाकों में नियमित तौर पर पानी नहीं आ रहा है। प्रभावित इलाकों के लोगों को टैंकर मंगाने पड़ रहे हैं और सौ-सौ रुपये में पानी की बोतल खरीद रहे हैं। हालांकि यमुना में जलस्तर कम होने के बाद दिल्ली जलबोर्ड के वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल शोधक संयंत्र चलने शुरू हो गए हैं और उनके पूरी क्षमता से चलने का दावा किया जा रहा है।

नई दिल्ली के सिविल लाइंस, हिंदूराव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोलबाग, पहाड़गंज राजेंद्र नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, प्रेम नगर, इंद्रपुरी, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, मॉडल टाउन, गुलाबी बाग, जहांगीरपुरी, बुराड़ी अन्य इलाकों में एक सप्ताह से पेयजल संकट बना हुआ है। गोल मार्केट इलाके में रहने वाले अशोक के अनुसार, पहले तो कई दिन पानी नहीं आया। इसके बाद दो दिन दूषित पानी की आपूर्ति हुई, अब फिर दो दिन से पानी नहीं आ रहा है।

वहीं कनाॅट प्लेस में हनुमान मंदिर के पास रहने वाले मुकेश ने बताया कि उनके यहां पर तीन दिन से पानी नहीं आ रहा है। वह सौ-सौ रुपये में पानी की बोतल खरीदकर लाते हैं। पहाड़गंज निवासी बॉबी के मुताबिक, उनके इलाके में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। पानी में बदबू आती है। इलाके के लोग पानी के टैंकर मंगा रहे हैं। करोलबाग के बीडनपुरा में भी पानी नहीं आ रहा है। सोनिका ने बताया कि वह टैंकर से पानी भरती हैं।

बीमारियों की आशंका

आमतौर पर बाढ़ अपने साथ कई मानवीय संकट लेकर आती है। कुछ ऐसा ही दिल्ली में आई यमुना की बाढ़ के बाद के हालात हैं। पानी उतरने के साथ ही डेंगू समेत कई तरह की जल-जनित बीमारियां फैलने की आशंका बनी है। दिल्ली में डेंगू के मामले बढ़ गये हैं। 

खतरे के निशान के नीचे आई यमुना

यमुना बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे एक बार फिर से खतरे के निशान 205.33 के नीचे आ गई। यमुना का जलस्तर 205 दर्ज किया गया। हालांकि, यमुना अभी भी चेतावनी स्तर 204.50 से ऊपर बह रही है। उम्मीद है कि अगले 24 घंटे में स्थिति बेहतर हो जाएगी। यमुना स्तर में गिरावट के साथ ही लोग पुनर्वास में जुट गए हैं। राहत शिविर में शकूरुद्दीन ने बताया कि 10 परिवारों ने जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय जाकर गुहार लगाई तो सुविधा मिली। तंबू में रोशनी की व्यवस्था भी एक दिन पहले हुई है।

वहीं, बृहस्पतिवार को भी दिल्ली का पारा सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक बृहस्पतिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री दर्ज हुआ।

शुक्रवार को धूप के कारण गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। अधिकतम तापमान बढ़कर 39 व न्यूनतम 28 डिग्री तक रहने का अनुमान है। शनिवार से दिल्ली में हल्की बारिश के आसार हैं। बारिश के साथ पारे में भी गिरावट हो सकती है। 26 जुलाई तक पारा फिर से घटकर 33 डिग्री तक आ सकता है।

मंत्री ने बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया

खाद्य आपूति मंत्री इमरान हुसैन ने बृहस्पतिवार को यमुना किनारे शिविरों में राहत कार्य और जलजनित रोगों की रोकथाम की तैयारी की समीक्षा करने के लिए बेलागांव और मूलचंद बस्ती में दौरा किया। उन्होंने बताया कि राहत शिविरों के आसपास के इलाकों में पानी जमा हो गया है। इस कारण डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों की संभावना है। ऐसे में केजरीवाल सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए कदम उठाए है। वहीं, हुसैन ने बाढ़ राहत शिविरों के आसपास फोगिंग और कीटनाशकों के छिड़काव के कार्य की निगरानी की। 

बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में आठ टीमें तैनात, पशुओं की होगी जांच

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की जांच के लिए पशुपालन विभाग ने आठ टीमें गठित की हैं। इसे लेकर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पशुओं के पुनर्वास व दवाओं का इंतजाम और टीकाकरण के लिए कहा है। पशुओं की देखभाल के लिए पुनर्वास शिविरों के लिए रोटेशन के आधार पर दो मोबाइल वैन उपलब्ध कराई गईं हैं। राहत शिविर में नियमित रूप से पर्याप्त पशु चारा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। 

गोपाल राय ने कहा कि अभी बारिश नहीं हो रही है और यमुना का जलस्तर भी कम हो रहा है, लेकिन जगह-जगह जलभराव के कारण बीमारियों की आशंका बढ़ गई है। पशुओं में भी संक्रामक रोग फैलने की आशंका है। बाढ़ के बाद बीमारियां न फैलें, इसके लिए पशुपालन विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। यह टीमें पशुओं के हेल्थ चेक अप के साथ-साथ पशुपालकों को अन्य बीमारियों से बचाव के सुझाव देंगे।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 50 सांपों को बचाया

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वन व वन्य जीव विभाग ने 50 सांपों को बचाया है। इनमें कॉमन करैत, कोबरा, रसेल वाइपर व स्केल्ड वाइपर समेत कई प्रजातियां शामिल हैं। सांपों को यमुना खादर, आईटीओ, यमुना बाजार, वजीराबाद इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जा रहा है। वन विभाग ने छह रैपिड रिस्पांस टीमें यमुना किनारे बनाए राहत शिविरों और बाढ़ से प्रभावित इलाकों में तैनात की हैं। टीमों ने लोगों से सांपों को नहीं मारने का अनुरोध किया है। 

वन विभाग के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. सुनीश बक्शी ने बताया कि किसी भी वन्य जीव को नुकसान न पहुंचे इसके लिए विभाग दिन-रात कार्य कर रहा है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। वन विभाग लोगों की मदद के लिए तत्पर है। गैर सरकारी संगठन भी राहत कार्य में जुटे हैं। एक एनजीओ ने बताया कि बीते सप्ताह तक 15 सांप दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से रेस्क्यू किए गए हैं।

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