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ज्ञानवापी
– फोटो : अमर उजाला
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मुगल शासक औरंगजेब के फरमान से वर्ष 1669 में आदिविश्वेश्वर का प्राचीन मंदिर ध्वस्त कर उसके ऊपर मस्जिद बनाने का दावा हिंदू पक्ष करता रहा है। इस आशय का तर्क जिला जज की अदालत में भी दिया गया। हिंदू पक्ष की तरफ से कहा गया कि वर्ष 1670 से ही लड़ाई लड़ी जा रही है। 353 वर्ष हो गए हैं। अब एएसआई सर्वे से ही सच सामने आएगा। सोमवार की सुबह से सर्वे भी शुरू हो रहा है।
वहीं, मुस्लिम पक्ष का दावा है कि ज्ञानवापी में मस्जिद ही थी। मंदिर ध्वस्त करके उसके ऊपर नहीं बनाई गई है।
बहरहाल, वैज्ञानिक जांच से ज्ञानवापी का सच सामने आ जाएगा। जो भी भ्रांतियां हैं, वह भी दूर हो जाएंगी। दरअसल, जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने राखी सिंह बनाम व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य के मुकदमे की सुनवाई के क्रम में 21 जुलाई को सील वजूखाने को छोड़कर ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का आदेश दिया है। 11 बिंदुओं के आदेश में अदालत ने एएसआई के निदेशक से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि विवादित भूमि पर खड़ी मौजूदा संरचना को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। वह जस की तस बरकरार रहे।
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