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PM Modi
– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar
विस्तार
मणिपुर हिंसा को लेकर लोकसभा में सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने को मंजूरी मिल गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों खेमे इसे अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं। यूं भी कह सकते हैं कि एनडीए और इंडिया, दोनों को इसमें अपना सियासी फायदा नजर आ रहा है। अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा को ‘मोदी’ के ‘ईरानी दांव’ पर भरोसा है, तो वहीं ‘विपक्ष’ इस हार के सौदे में अपनी जीत मानकर चल रहा है। मणिपुर हिंसा पर, विपक्षी दल लंबे समय से प्रधानमंत्री द्वारा बयान देने की मांग कर रहे थे। सत्ता पक्ष ने प्रधानमंत्री की जगह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान दिलाने की बात कही, जिसके लिए विपक्ष तैयार नहीं हुआ। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले कांग्रेस पार्टी के सांसद गौरव गोगोई कहते हैं, देखिये, ये हार जीत का सवाल नहीं है। यह विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है। ये इंसाफ की लड़ाई है। विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडिया’ चाहता है लोकतंत्र जीवित रहे।
भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में लिखी गई स्क्रिप्ट
दरअसल, मणिपुर को लेकर अविश्वास प्रस्ताव की स्क्रिप्ट कई दिनों से लिखी जा रही थी। सत्ताधारी पार्टी यह बात जानती थी कि विपक्ष, सदन में प्रधानमंत्री से बयान दिलवाने की जिद से पीछे नहीं हटेगा। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में मणिपुर को लेकर बहुत कुछ क्लीयर कर दिया था। उसमें भाजपा सांसदों को यह संदेश दिया गया था कि वे मणिपुर हिंसा पर विपक्ष को करारा जवाब दें। उसी बैठक में पीएम की तरफ से ऐसा इशारा भी हुआ था कि जल्द ही विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। भाजपा सांसदों से कहा गया कि अपने अपने क्षेत्रों में लोगों को मणिपुर का सच बताएं। बैठक में मौजूद हरियाणा के एक सांसद का कहना था। अविश्वास प्रस्ताव से भाजपा को डरने की कोई जरूरत नहीं है। पहलवानी में कई तरह के दांव होते हैं। उसमें से एक ‘ईरानी दांव’ भी होता है, जिसमें बड़े कद काठी वाले पहलवान को फायदा मिलता है। वजह, बड़े कद वाला पहलवान, हल्के पहलवान को आसानी से उठा सकता है। अगर सामने वाले पहलवान का वजन भी कुछ कम है, तो उसे उठाकर पीठ के बल पटका जा सकता है। इससे बड़े कद वाला पहलवान जीत जाता है। पीएम मोदी के साथ भी कुछ वैसा ही है।
‘इंडिया’ के लिए ‘हार जीत’ का मतलब ही नहीं
भाजपा सांसद का कहना है, अविश्वास प्रस्ताव पर संख्या बल बहुत अहम होता है। संख्या बल के मामले में बहुमत, स्पष्ट तौर पर भाजपा के पक्ष में है। विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडिया’, 150 से नीचे ही रहेगा। ऐसे में अगर विपक्षी दल, अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। हमें पीएम मोदी के ‘ईरानी दांव’ पर भरोसा है। कांग्रेस पार्टी के सांसद गौरव गोगोई कहते हैं, भाजपा इसे हार जीत का मुद्दा बना रही है। ‘इंडिया’ के लिए तो यह लोकतंत्र की लड़ाई है। एक तरफ तो केंद्रीय गृह अमित शाह कहते हैं कि वे मणिपुर पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। इस संबंध में वे मल्लिकार्जुन खरगे और अधीर रंजन चौधरी को पत्र लिखते हैं। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विपक्षी दलों के गठबंधन Indian National Developmental Inclusive Alliance (INDIA), ‘इंडिया’ की तुलना आतंकी संगठनों से कर रहे हैं। वे कहते हैं कि ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ और पाकिस्तान के आतंकी संगठन ‘इंडियन मुजाहिद्दीन’ के नाम भी इंडिया आता है। पीएम मोदी ने सांसदों से कहा, अंग्रेजों ने ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ बनाई थी। उसी तरह से विपक्ष ने अपने गठबंधन का नाम ‘इंडिया’ रखा है। विपक्ष पूरी तरह दिशाहीन है। वे लोग विपक्ष में ही रहना चाहते हैं। भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर बोले, आजकल तो लोग ‘इंडियन मुजाहिद्दीन’ भी नाम रखते हैं। कुछ लोग ‘इंडियन पीपल्स फ्रंट’ भी नाम रख लेते हैं। ये दोनों आतंकी संगठन हैं। देश में इन पर प्रतिबंध लगा है।
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