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सवाल- आपके धरने का उद्देश्य क्या है? आपने सदन में हो-हल्ला किया जिसके चलते निलंबित किया गया। निलंबन करना तो सभापति का अधिकार है।
उत्तर- इस धरने का उद्देश्य है कि प्रधानमंत्री जी सदन में आएं और मणिपुर की हिंसा का जवाब दें। ये मेरे अकेले का धरना नहीं है, ये टीम I.N.D.I.A का धरना है। कल खरगे जी आए थे और टीम I.N.D.I.A में शामिल 26 राजनीतिक दलों के लोग भी आ रहे हैं। सबकी एक ही मांग है कि मणिपुर की हिंसा और वहां हुई दरिंदगी पर पीएम मोदी सदन में जवाब दें। मेरा निलंबन तो पहले भी चार बार हो चुका है। जब मेरा पहली बार किसान आंदोलन के दौरान निलंबन हुआ था, तो मैंने प्रधानमंत्री जी और देश की सरकार से हाथ जोड़ कहा था कि काला कानून मत लाइए, ये किसानों के खिलाफ है। लेकिन बात नहीं सुनी गई, मुझे निलंबित किया गया। एक साल तक आंदोलन चला, 750 किसानों की शहादत हुई और बाद में सरकार को बिल वापस लेना पड़ा। बाद में प्रधानमंत्री जी ने कह दिया गलती हो गई।
जब 78 दिनों तक मणिपुर जलता रहा तो प्रधानमंत्री नहीं बोले, तो उसके बाद आए और बोले क्रोध है, पीड़ा है। मात्र 36 सेकंड प्रधानमंत्री बोले। हर महीने मन की बात पर बोलने वाले प्रधानमंत्री मणिपुर पर क्यों नहीं बोलते। जब मैंने यह मांग कर दी कि प्रधानमंत्री सदन में आ कर इस मुद्दे पर जवाब दें, तो मुझे सदन से निलंबित कर दिया गया। सभी दल इस मुद्दे पर मेरा समर्थन कर रहे हैं।
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