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मणिपुर पर बोले अमित शाह
– फोटो : amarujala.com
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केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए मणिपुर हिंसा पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह सच है कि मणिपुर में हिंसा का तांडव हुआ। हिंसक घटनाएं हुईं। वहां जो कुछ भी हुआ, वह शर्मनाक है। उस पर राजनीति करना उससे भी ज्यादा शर्मनाक है। यह भ्रांति देश की जनता के सामने फैलाई गई है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि मैं पहले दिन से ही मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार था, लेकिन विपक्ष कभी चर्चा नहीं करना चाहता था। आप मुझे चुप नहीं करा सकते, क्योंकि 130 करोड़ लोगों ने हमें चुना है इसलिए उन्हें हमारी बात सुननी होगी। मैं यह साफ करना चाहता हूं कि सत्र आहूत होने से पहले मैंने स्पीकर को पत्र लिखकर मणिपुर पर चर्चा के लिए कहा था। पहले दिन से मैं यह बात कह रहा हूं। मेरी बात सुनते। अगर मेरी बात से संतुष्ट नहीं होते तो फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगते। आप देश के गृह मंत्री को मणिपुर मामले पर बोलने नहीं देते, यह किस तरह का लोकतंत्र है।
भाजपा शासन के छह साल में मणिपुर में एक भी दिन हिंसा नहीं हुई
छह साल तक मणिपुर में एक दिन भी हिंसा नहीं हुई। कर्फ्यू नहीं हुआ। उग्रवादी घटनाएं नहीं हुई। हमारी छह साल का यह अनुभव रहा।
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